भीलवाड़ा | विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 (एनआई एक्ट प्रकरण) ने चेक अनादरण के दो अलग-अलग मामलों में जूनावास निवासी सुमित सोनी को दोषी मानते हुए दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी को कुल 28 लाख 71 हजार रुपए परिवादी को अदा करने के आदेश भी दिए हैं। कोर्ट ने पहले प्रकरण में 19 लाख 74 हजार रुपए तथा दूसरे प्रकरण में 8 लाख 97 हजार रुपए प्रतिकर के रूप में चुकाने का आदेश दिया है। प्रकरण के अनुसार भीलवाड़ा हरणी कलां निवासी हीरालाल जाट ने अधिवक्ता विकास व्यास के माध्यम से न्यायालय में वाद दायर किया था। परिवादी ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर उसने आरोपी सुमित सोनी को 21 लाख रुपए उधार दिए थे। इसके बदले आरोपी ने चेक दिया। चेक निर्धारित समय पर बैंक में प्रस्तुत किए गए, लेकिन अनादरित हो गए। चेक बाउंस होने के बाद बार-बार तकाजा किए जाने के बावजूद आरोपी द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया। इस पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा एवं प्रतिकर राशि के आदेश पारित किए।


