7 मोर्चे, सिर्फ एक पर फैसला बाकी:10 दावेदारों पर विचार, पर सहमति नहीं, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्त फंसी

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष की नियुक्ति मछली कांड के कारण फंसी हुई है। पार्टी सिख या ईसाई वर्ग को जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है। हरेकृष्ण दुबोलिया भोपाल से रिपोर्ट कर रहे हैं कि भाजपा को मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के लिए उपयुक्त नेता नहीं मिल रहा है। पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर में भाजपा ने 7 में से 6 मोर्चा में नए अध्यक्ष नियुक्त किए थे, लेकिन भोपाल में मछली कांड के बाद अल्पसंख्यक मोर्चा को लेकर फूंक-फूंककर कदम रख रही है। दावेदारों की 360 डिग्री प्रोफाइल जांच हो रही है। अब तक करीब 10 नेताओं के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। पार्टी ने इनके बैकग्राउंड की जांच कराई थी। ये सभी किसी न किसी कारण से पार्टी की रीति-नीति में फिट नहीं बैठ पा रहे हैं। अंतिम अध्यक्ष रहे एम. एजाज खान कई महीनों से पार्टी दफ्तर में नजर नहीं आए हैं। हालांकि उन्होंने दोबारा मौका मिलने पर जिम्मा संभालने की इच्छा जताई है।
शाहनवाज हुसैन भी भोपाल में कर चुके बैठक
औचित्य पर उठे सवाल… पार्टी में ये विचार भी किया जा रहा है कि मप्र में ईसाई और सिख समाज के प्रतिनिधियों को भी हिस्सेदारी दी जाए। पार्टी की गोपनीय बैठकों में कई नेता यह बात कह चुके हैं कि तमाम प्रयास के बावजूद मुस्लिम वर्ग भाजपा को वोट नहीं देता है। इसलिए इस मोर्चा को बनाए रखने का भी कोई औचित्य नहीं हैं। एजाज खान को दो बार मिल चुकी धमकी… अल्पसंख्यक मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष एम. एजाज खान को भाजपा में रहने के कारण पिछले साल दो बार सोशल मीडिया पर सर तन से जुदा की धमकी भी मिल चुकी है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज है। उनसे पहले अध्यक्ष रहे रफत वारसी राज्य हज कमेटी के चेयरमैन चुने जाने के बाद मोर्चा की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए थे। रतलाम वक्फ अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष इब्राहिम शेरानी, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष रहे राशिद खान, पूर्व अध्यक्ष हिदायतुल्ला खां, वक्फ बोर्ड के सदस्य रहे मोहम्मद फैजान, इंदौर के मोहम्मद असलम के नामों पर पार्टी विचार कर चुकी है। मोर्चा में महामंत्री छतरपुर के जावेद अख्तर और इंदौर से कैलाश विजयवर्गीय के करीबी नासिर शाह के नाम पर भी चर्चा हुई है। पिछले माह शाहनवाज हुसैन भी भोपाल आकर अल्पसंख्यक मोर्चा में नई नियुक्ति को लेकर बैठक कर चुके हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि यह सही है कि थोड़ी देर हो रही है, लेकिन पार्टी सभी पक्षों पर विचार कर सामूहिक निर्णय करती है। जल्द मोर्चा अध्यक्ष तय कर लिया जाएगा।

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