शिव वन रेंज में वन्यजीवों के शिकार का मामला सामने आया है। थुंबली ग्राम पंचायत के खेजड़ियाली सरहद में रविवार सुबह वन विभाग की टीम को शिकार के एक बड़े रैकेट की सूचना मिली। शिकारियों ने खेत की बाड़ पर शिकार के फंदे बना रखे थे। वन विभाग की टीम ने जब मौके पर गड्ढ़े खुदवाए तो वहां मृत वन्यजीवों की हड्डियां और खून से सनी मिट्टी बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में चिंकारा, खरगोश और जंगली सूअर के शिकार का अंदेशा जताया है। जम्भेश्वर वन्यजीव एवं पर्यावरण संस्था के जिलाध्यक्ष भंवरलाल भादू को रविवार सुबह शिकार का संदेह हुआ। उन्होंने डीएफओ सविता दहिया को सूचित किया। डीएफओ के निर्देश पर शिव रेंजर नरपतसिंह और फ्लाइंग टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग भागने लगे। टीम ने कुछ घरों की तलाशी लेते हुए पूछताछ शुरू की है। खेत की बाड़ और झाड़ियों के पास शिकारियों ने लोहे के पतले तारों से फंदे बना रखे थे। इन्हें स्थानीय भाषा में कुड़ कहा जाता है। कुड़ में फंसने के बाद वन्यजीव निकलने की कोशिश करते हैं तो फंसते जाते हैं कुड़ में जैसे ही जानवर की गर्दन फंसती है, तब वन्यजीव उसमें से निकलने की कोशिश करते हैं, ज्यों ज्यों कोशिश करते हैं त्यों त्यों फंदा कसता जाता है और उसकी दम घुटने से तड़प तड़पकर मौत हो जाती है। ऐसे 4 से अधिक फंदे मिले हैं। टीम ने आसपास के घरों और बाड़ के पास तलाशी ली तो चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। खून से सनी मिट्टी देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिकार के बाद जानवरों को वहीं काटा गया था। टीम ने संदेह होने पर जगह-जगह गढ्ढ़े खुदवाए। आसपास की झोपड़ियों और घरों की तलाशी में वन्यजीवों के अवशेष मिले हैं। कार्रवाई के दौरान रेंजर नरपतसिंह, रेंजर जगदीश विश्नोई, वन रक्षक चिमनी शर्मा, छगनी चौधरी, प्रकाश कोचर समेत फ्लाइंग टीम मौजूद रही। “सूचना के बाद टीम सहित मौके पर पहुंची। खेतों की बाड़ के पास लोहे के पतले तारों से फंदे मिले हैं। कुछ आसपास के घरों में तफ्तीश की गई तो हड्डियां मिली है। आगे छानबीन जारी है। चिंकारा, खरगोश, सूअर की हड्डियां का अंदेशा है।” – सविता दहिया, डीएफओ बाड़मेर।


