भास्कर न्यूज | जशपुरनगर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रविवार को जशपुर जिले में पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो गई। दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अधिकांश परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही अपने निर्धारित केंद्रों पर पहुंच गए थे, जिससे जांच और प्रवेश की प्रक्रिया बिना किसी भागदौड़ के समय पर पूरी की जा सकी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का प्रवेश पूरी तरह नियमों के अधीन रहा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थी निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करते हुए पहुंचे थे। केंद्र के मुख्य द्वार पर प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की गहनता से जांच की गई। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की शारीरिक तलाशी भी ली गई। परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिले के सभी केंद्रों में जैमर लगाए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या नेटवर्क के जरिए नकल की संभावना को शून्य किया जा सके। इसके अलावा जिला प्रशासन के उड़नदस्तों ने दिन भर विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र खंड में समावेशी शिक्षा और विभिन्न शिक्षा मनोवैज्ञानिकों के सिद्धांतों पर आधारित प्रश्न काफी वैचारिक और अनुप्रयोग-आधारित रहे, जिन्हें हल करने में अभ्यर्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, गणित के खंड में ज्यामिति और बीजगणित के सवालों ने परीक्षार्थियों का काफी समय लिया। अभ्यर्थियों के अनुसार, गणित के सवाल कठिन नहीं थे लेकिन उनकी गणना लंबी होने के कारण समय प्रबंधन में चुनौती आई। भाषा खंड में हिंदी और अंग्रेजी व्याकरण की तुलना में अपठित गद्यांशों पर आधाोरित प्रश्नों की प्रधानता रही। पर्यावरण व छत्तीसगढ़ के स्थानीय पर्यावरण से संबंधित प्रश्न मध्यम श्रेणी के रहे।


