छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने हेरोइन की सप्लाई करने और बेचने वाले को अरेस्ट किया है। पुलिस ने 34 ग्राम हेरोइन के साथ एजेंट समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। जो पंजाब से लाकर शहर में खपा रहे थे। आरोपी वाट्सऐप के माध्यम से कोड वर्ड में हेरोइन सप्लाई करते थे। दरअसल, पुलिस अफसरों को पिछले काफी दिनों से जानकारी मिल रही थी कि बिलासपुर में हेरोइन की सप्लाई की जा रही है। जिस पर पुलिस ने गोपनीय तरीके से पुख्ता जानकारी जुटाई, तब पता चला कि पंजाब से तस्कर हेरोइन लाकर यहां एजेंट को देता है। इसके बाद एजेंट उसे ग्राहकों तक पहुंचाता है। जिसके बाद पुलिस अफसरों ने इस नेटवर्क तक पहुंचने की योजना बनाई। इसके तहत एसीसीयू टीम के सदस्य को ग्राहक बनाकर हॉफ ग्राम हेरोइन आर्डर किया गया। तय प्लानिंग के अनुसार, टीम ने एजेंट को पहले हॉफ ग्राम हेरोइन का आर्डर दिया, जिसके लिए उसे 3 हजार रुपए भी दिए। होटल में दबिश देकर एजेंट समेत तीन तस्करों को पकड़ा आर्डर देने के बाद एजेंट चकरभाठा के वार्ड क्रमांक 7 निवासी मोहित हिंदूजा (32) पिता टीकम दास के साथ टीम का सदस्य लगातार संपर्क बनाए रहा। ताकि यह पता लगाया जा सके। हेरोइन कौन और कहा से लाता है। दो दिन पहले जब पुलिस को पता चला कि चकरभाठा के वार्ड क्रमांक 12 निवासी करनदीप सिंह (29) पिता सुखविंदर सिंह हेरोइन सप्लाई करने के लिए पंजाब को अपना ठिकाना बना लिया है। वह इन दिनों हेरोइन की सप्लाई करने पंजाब के तरनतारण जिले के ग्राम खेमकरण निवासी आर. रजिंदर कुमार, (35) साथ बिलासपुर आया है। एएसपी, सीएसपी और एसीसीयू की टीम ने दबिश इतनी जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी पंकज पटेल, सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने एसीसीयू की टीम को अलर्ट किया। जिसके बाद तस्करों की जानकारी जुटाकर चकरभाठा थाना क्षेत्र के होटल में दबिश दी। जहां एजेंट समेत तीनों लोग मिले। उनके पास से अलग-अलग पुड़ियों में 34 ग्राम हेरोइन बरामद किया है। केवल चुने ग्राहकों को ही देते थे, लेने वालों की बन रही सूची हेरोइन का कारोबार चोरी छिपे होता था। ये लोग केवल उन्हीं ग्राहकों को देते थे जिन्हें पहले से जानते थे और उनके साथ लेनदेन कर चुके होते हैं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि तस्कर शहर में दो लोगों को ही हेराइन उपलब्ध कराते थे। जिसके माध्यम से हेरोइन इसके आदी लोगों तक पहुंच जाता था। सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि हेरोइन लेने वालों की जानकारी मिली है, जिसमें 8-10 नाम शामिल है। इनकी सूची बनाकर पुलिस यह जानने की कोशिश में हैं कि कहां-कहां और सप्ताई कर चुके हैं। केवल हॉफ ग्राम हेरोइन देता था एजेंट पुलिस की पूछताछ में पता चला कि पंजाब का तस्कर जीपर जैसे पैकेट में हेरोइन लाकर देता था, जिसे एजेंट मोहित अपने पास रखता था। फिर वो हॉफ ग्राम का पुड़िया बनाता था। हेरोइन के आदी लोगों को वो केवल हॉफ ग्राम हेरोइन ही देता था। इससे ज्यादा डिमांड करने पर वो मना कर देता था। ऐसा इसलिए करता था, ताकि ग्राहकों को ये पता नहीं चल पाय कि एजेंट के पास कितनी मात्रा में हेरोइन रखा है। नेटवर्क और कस्टमर बढ़ाने की फिराक में था गैंग एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि पंजाब के तस्कर बिलासपुर में अपना नेटवर्क और कस्टमर बढ़ाने की फिराक में थे। गैंग के सदस्य वाट्सऐप पर कोड के जरिए आर्डर लेते थे। पुलिस अब तस्कर गैंग के बैंक अकाउंट सहित अन्य जानकारियां जुटा रही है। ताकि इसका इस्तेमाल करने वालों की पहचान की जा सके। वहीं, एसएसपी रजनेश सिंह ने हेरोइन के आदी लोगों को नशा मुक्ति सेंटर भेजने के साथ ही नेटवर्क को तोड़ने की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।


