भास्कर न्यूज | जशपुरनगर शैक्षणिक संस्थानों की पवित्रता बनाए रखने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जशपुर पुलिस ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। नव-पदस्थ डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े रुख के बाद जिले भर में स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ हड़कंप मच गया है। नियमों को ताक पर रखकर शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में सिगरेट और गुटखा बेचने वाले 110 दुकानदारों पर पुलिस ने कोटपा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की है। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के अनुसार, किसी भी शैक्षणिक संस्थान के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद जिले में कई स्थानों पर धड़ल्ले से इन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने औषधि एवं खाद्य विभाग के साथ मिलकर जशपुर पुलिस की संयुक्त टीम को मैदान में उतारा और जिले के समस्त थाना व चौकी क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड और स्कूल-कॉलेजों के आसपास स्थित दुकानों की सघन जांच की। इस दौरान कुल 110 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें नियमानुसार 22,000 रुपए का जुर्माना मौके पर ही वसूला गया। कोटपा एक्ट के प्रावधानों के तहत न केवल तंबाकू की बिक्री, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, धूम्रपान निषेध क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड न लगाना और धूम्रपान को बढ़ावा देने वाली सामग्री प्रदर्शित करना भी प्रतिबंधित है। पुलिस ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि भविष्य में उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।


