डीडवाना में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। कोलिया गांव से विहार करते हुए आचार्य के डीडवाना पहुंचने पर पूरा नगर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से भर गया। डीडवाना की जनता की वर्षों पुरानी अभिलाषा उनके आगमन से पूर्ण हुई।
आचार्य महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद चोपड़ा ने बताया कि डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत मुख्य अतिथि थे। डीडवाना निवासी और वर्तमान में झारसुगुड़ा (ओडिशा) प्रवासी धर्मेंद्र सिंह मोहनोत ने स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाई।
स्वागत द्वार समिति के संयोजक भुवनेश कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि आचार्य के स्वागत के लिए पूरे शहर में 60 से अधिक स्वागत द्वार लगाए गए थे। इन्हें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भव्य रूप से सजाया गया था।
समाज के वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र सिंह मोहनोत के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास से शुरू हुए स्वागत कार्यक्रम में अनेक शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर आचार्य का अभिनंदन किया। इनमें पूजा इंटरनेशनल स्कूल, जी.सी.जे. स्कूल, बी.आर. मिर्धा स्कूल, ड्रीम हाई स्कूल, विद्याश्री एवं ऑरनेट संस्थान, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय बांगड़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बांगड़ महिला महाविद्यालय, एडवोकेट परिषद और पोल स्टार स्कूल शामिल थे।
आचार्य का स्वागत बांगड़ अस्पताल चौराहा, बांगड़ कॉलेज, जिला न्यायालय और नागौरी गेट के समीप भी श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। इस अवसर पर भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा और पूर्व विधायक चेतन डूडी ने भी आचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुस्लिम समाज द्वारा किए गए विशेष स्वागत ने धार्मिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का सुंदर संदेश दिया। स्वागत कार्यक्रम के समापन के बाद आचार्य अग्रवाल भवन पहुंचे। यहां वे जैन समाज के लोगों के साथ-साथ आमजन को आशीर्वाद और प्रवचन प्रदान किया।
चोपड़ा ने बताया कि आचार्य के प्रवेश और प्रस्थान मार्ग को सुगम और निष्कंटक बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार नगर परिषद आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी लगातार व्यवस्थाओं में जुटे रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वृताधिकारी जेठू सिंह मय जाब्ता पदयात्रा में तैनात रहे।


