अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा सोमवार को उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। अलका लांबा ने महाकाल मंदिर में पहले नंदी हाल और फिर देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने नंदी मंडपम में बैठकर ध्यान लगाया। दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान के नाम को अपने नाम में जोड़ लेना काफी नहीं होता, सवाल यह है कि काम क्या किया जा रहा है। आज जिन मंत्री का नाम कैलाश है, उनका काम पाप और अपराध से जुड़ा हुआ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने सृष्टि और मानवता की रक्षा के लिए विष पिया और नीलकंठ कहलाए, लेकिन आज सरकार में एक मंत्री ऐसे हैं जो विष पीने के बजाय समाज में जहर फैला रहे हैं। अलका लांबा ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान और गतिविधियां समाज को बांटने और नफरत फैलाने वाली हैं। अलका लांबा ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि इंदौर से उज्जैन आते समय उन्होंने एक ऑटो के पीछे ऐसा विज्ञापन देखा, जिसमें एक ऐसे व्यक्ति का प्रचार किया जा रहा था, जिसे नाबालिग बेटियों के बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है और जो उम्रकैद की सजा काट रहा है। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को हीरो की तरह पेश किया जाना समाज और खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस इस तरह की मानसिकता और अपराधियों के महिमा मंडन के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी।


