हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा ने मंगलवार से जिला कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना सहजीपुरा-करनीसर क्षेत्र में खेत की सिंचाई के लिए तोड़ी गई पाइपलाइन को पुनः जुड़वाने की मांग को लेकर दिया जा रहा है। किसान सभा ने जिला व पुलिस प्रशासन पर अदालती आदेशों की जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। किसान नेताओं के अनुसार विभिन्न स्तर के न्यायालयों ने किसानों के पक्ष में स्पष्ट निर्णय दिए हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक इन आदेशों का पालन नहीं किया है, जिससे किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और जानबूझकर अदालती आदेशों की अवहेलना कर रहा है। उन्होंने कहा कि दो बार पुलिस बल की मांग की गई और वह उपलब्ध भी था, फिर भी प्रशासन मामले को टाल रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि प्रशासन की हठधर्मिता के कारण किसानों की अब तक तीन फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, और चौथी फसल भी संकट में है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब निजी औद्योगिक इकाइयों के लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए जा सकते हैं, तो किसानों को उनका कानूनी हक दिलाने में प्रशासन क्यों पीछे हट रहा है। किसान सभा के तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा और महासचिव मोहन लोहरा ने स्पष्ट किया कि जब तक अदालती आदेशों का पूर्ण पालन कर किसान को न्याय नहीं मिलता आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी देते हुए बुधवार को जिला प्रशासन की शव यात्रा निकालने और पुतला दहन करने की घोषणा की। इस धरने में बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और किसान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


