जयपुर के विल्सन क्रायो गैसेज ऑक्सीजन प्लांट में हुए धमाके के शिकार तीसरे युवक की भी मौत हो गई। गंभीर हालत में 31 जनवरी की रात उसे SMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस हादसे में फैक्ट्री के मैनेजर सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 31 जनवरी की शाम हादसे के दौरान प्लांट में 100 से ज्यादा ऑक्सीजन के सिलेंडर रखे थे। इस दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर मुन्ना राय (30) के शरीर के चीथड़े उड़ गए। उसके अंग अलग-अलग हिस्सों में बिखर गए। मैनेजर विनोद गुप्ता (45) का एक पैर और हाथ का पंजा अलग हो गया था। शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे इलाज के दौरान हॉस्पिटल में उन्होंने दम तोड़ दिया था। देर रात करीब डेढ़ बजे SMS हॉस्पिटल में शिबू (40) की भी मौत हो गई। धमाके से 2 किलोमीटर का एरिया दहल उठा था। दर्जनों मकानों-दुकानों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। दीवारों में दरारें आ गईं। ऐसा लगा, जैसे भूकंप आया हो। शिबू उर्फ अनुवा नागटीटी, भोजुली, बोकारो (झारखंड), मुन्ना राय उर्फ विकास राय डॉमुंडा, लोथारिया लुकिया, धनबाद (झारखंड) और विनोद गुप्ता जयपुर के मुरलीपुरा (खेतान हॉस्पिटल के पास) के रहने वाले थे। पहले ये PHOTOS देखिए… सिलेंडर भरते समय विस्फोट हुआ
जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर 17 स्थित करणी विहार कॉलोनी में संतोष गुप्ता की विल्सन क्रायो गैसेज प्लांट है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर भरने का काम किया जाता है। शनिवार की शाम करीब 7:45 बजे सिलेंडर भरे जा रहे थे, तभी एक सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री के ऊपर का टिन शेड उड़ गया और दीवार धराशायी हो गई। आनन-फानन पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। बचाव कार्य के दौरान फैक्ट्री के अलग-अलग हिस्सों से मुन्ना के बॉडी पाट्र्स इकट्ठे किए गए। इलाज के दौरान मैनेजर ने दम तोड़ा
हादसे के बाद मैनेजर सहित 2 लोगों को गंभीर हालत में पहले मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान विनोद गुप्ता की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल शिब्बू () को SMS हॉस्पिटल रेफर किया गया। उसका इलाज SMS हॉस्पिटल में चल रहा है। DNA जांच से पता चलेगा कौन सा किसका अंग है
धमाके में विनोद और मुन्ना राय के शरीर के कई हिस्से बिखर गए थे। इन अंगों को पोटली में बांधकर पुलिस ले गई। इनका DNA जांच के बाद ही पता चलेगा कि कौन सा किस व्यक्ति का अंग है। विनोद की पत्नी बेसुध हो गई
मैनेजर विनोद गुप्ता मुरलीपुरा में पत्नी व 13 साल की बेटी के साथ रहते थे। बेटी रोजाना की तरह पिता के घर आने का इंतजार कर रही थी। काफी देर बाद घर पर हादसे का पता चला तो पत्नी बेसुध हो गई। विश्वकर्मा थाना अधिकारी रविन्द्र नरूका ने बताया- ब्लास्ट के कारणों का पता एफएसएल जांच से चलेगा। पुलिस फैक्ट्री मालिक की भी तलाश कर रही है। फैक्ट्री के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कागज जला दिए, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई। ब्लास्ट का सीसीटीवी आया सामने
धमाके का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फैक्ट्री के पीछे एक घर के बाहर लगे कैमरे में बाहर की घटना रिकॉर्ड हुई है। धमाका 31 जनवरी की शाम 7.44 बजे हुआ। धमाके से पहले फैक्ट्री के पीछे रियायशी कॉलोनी में लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तरह थी। धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने ले। पल भर में ही गली में सन्नाटा पसर गया। स्थानीय निवासी कंचन ने दावा किया कि मरने वालों की संख्या ज्यादा है। महिला सहित स्थानीय लोगों ने कंपनी को बंद करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भगवान का शुक्र है कि हम लोग घर के अंदर थे। वरना हमारी भी मौत हो जाती। मजदूर का सिर अलग मिला, धड़ के कई टुकड़े हुए
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि 2 किलोमीटर तक का इलाका दहल उठा। ब्लास्ट के बाद मदद के लिए पहुंचे युवकों ने बताया कि घायल फैक्ट्री में पत्थर में दब गए थे। एक शव ऐसा था जिसका सिर तो मिल गया, लेकिन धड़ नहीं मिला। धड़ मलबे में दब गया था। स्थानीय निवासी अनिल ने बताया- हादसे के बाद ही हमलोग राहत कार्यों में जुट गए थे। एक शव मलबे में दबा मिला, लेकिन उस पर सिर नहीं था। तीन-चार सिलेंडरों में हुआ ब्लास्ट
प्रथम दृष्टया पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में हादसे के समय तीन लोग मौजूद थे। सिलेंडर में ऑक्सीजन भरने के दौरान ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट के दौरान तीन से चार सिलेंडर फटे हैं। इसके चलते फैक्ट्री की टिनशेड की छत तक उड़ गई। फैक्ट्री में मौजूद लोगों की बॉडी में सिलेंडर के टुकड़े घुस गए। ————- जयपुर के ऑक्सीजन प्लांट में धमाके की यह खबर भी पढ़िए… ऑक्सीजन प्लांट में धमाका,मैनेजर समेत दो की मौत:युवक के चीथड़े उड़े; एक गंभीर, फैक्ट्री के टिनशेड के टुकड़े कॉलोनी में बिखरे जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री के ऊपर का टिन शेड उड़ गया और एक दीवार गिर गई। सिलेंडर ब्लास्ट में काम कर रहे एक युवक के चीथड़े उड़ गए। मैनेजर समेत 2 घायलों को SMS हॉस्पिटल ले जाया गया। इलाज के दौरान मैनेजर ने दम तोड़ दिया। (पढ़ें पूरी खबर) ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट में एक दीवार ने बचाई कई जानें:प्रत्यक्षदर्शी बोले- धमाके से मकान धूजा तो लगा भूंकप आया; फैक्ट्री में बिखरे मांस के लोथड़े ‘सुबह मुझसे कहा था कि जीजा जी से बात कर लेना, दोनों साथ चलकर भतीजी की शादी की मिठाई दे आएंगे। ये कहकर वह फैक्ट्री गया, लेकिन शाम को उसके मरने की खबर आई।हमारा तो सबकुछ बिखर गया।’ जयपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट में जान गंवाने वाले विनोद गुप्ता के बड़े भाई ओमप्रकाश इतना कहते ही फफक पड़ते हैं। (पढ़ें पूरी खबर)


