कॉन्स्टेबल का आरोप, ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज परेशान कर रहा:बोला- बिना गलती के लाइन हाजिर किया, आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा

सीकर के ट्रैफिक इंचार्ज सुरेंद्र सिंह पर ट्रैफिक पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने उसे परेशान करने के आरोप लगाए हैं। ट्रैफिक इंचार्ज ने कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन में भेज दिया। आरोप है कि ट्रैफिक इंचार्ज उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक को दी रिपोर्ट में कॉन्स्टेबल दीपाराम ने बताया- 14 दिसंबर को उसकी ड्यूटी जाट बाजार में थी। उसी दिन एक कार ड्राइवर ट्रैफिक पुलिस की क्रेन के स्टाफ के साथ झगड़ रहा था और धमकी दे रहा था कि यह कार तो यहीं पर खड़ी रहेगी। उनके पास कोई सामान नहीं है कि इस गाड़ी को यहां से हटा दे। उस समय मैं दूर खड़ा पूरी घटना देख रहा था। तब दुकानदारों ने मुझसे कहा कि कार ड्राइवर स्टाफ के साथ झगड़ा कर रहा है तुम जाकर उसे हटाकर आओ। जब कॉन्स्टेबल कार ड्राइवर से समझाइश करने गया तो कार ड्राइवर ने कॉन्स्टेबल से कहा कि मैं आईजी व एसपी से बात करता हूं। तब कॉन्स्टेबल ने घटना की जानकारी फोन कर ट्रैफिक पुलिस के एचएम युसूफ अली को दी। इस दौरान कार ड्राइवर ने कहा कि मैं हेड कॉन्स्टेबल मदनलाल का भतीजा हूं। कार ड्राइवर ने हेड कॉन्स्टेबल मदनलाल को फोन कर स्टाफ से बात कराई। घटना की सूचना पर हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार जाट बाजार में पहुंचा तो कार ड्राइवर वहां से कार लेकर भाग गया। जिसके बाद हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार, दीपाराम को बाइक पर ट्रैफिक ऑफिस में ट्रैफिक इंचार्ज के पास ले गया और घटना की जानकारी दी। मुकेश कुमार ने ट्रैफिक इंचार्ज को बताया कि दीपाराम की कोई गलती नहीं है। तब ट्रैफिक इंचार्ज ने दीपाराम से कहा कि तूने मेरे साथ गाली-गलौज की है। दीपाराम ने ट्रैफिक इंचार्ज से कहा कि मेरी गलती बताइए। जिसके बाद ट्रैफिक इंचार्ज ने दीपाराम को बिना बताए लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन भेजने के आदेश जारी कर दिए। जिसकी जानकारी दीपाराम को एचएम युसूफ अली ने फोन कर दी। कॉन्स्टेबल का आरोप है कि ट्रैफिक इंचार्ज सुरेंद्र कुमार उसे परेशान कर रहा है और आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है।

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