राजनांदगांव जिले में करोड़ों रुपए के फसल बीमा फर्जीवाड़े में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इन आरोपियों ने दूसरों की भूमि पर केले की फसल होने के बावजूद कागजों में चने की फसल दिखाकर लाखों रुपए की बीमा राशि का गबन किया था। यह मामला छुरिया थाना क्षेत्र का मामला है। जानकारी के अनुसार, मामला ग्राम आमगांव स्थित रैलिस बायो एनर्जी प्रा. लिमिटेड की लगभग 50 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। इस भूमि पर पिछले एक साल से केले की फसल लगी हुई थी। बीमा राशि फर्जी तरीके से अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की मुख्य आरोपी अमित वर्मा (भारतीय कृषि बीमा कंपनी के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर) और परमेश्वर साहू (सीएससी संचालक) ने विभाग के साथ मिलकर वर्ष 2024-25 में इस भूमि पर चने की फसल होना दर्शाया। इस हेरफेर के जरिए कुल 23,28,944.35 रुपए की बीमा राशि फर्जी तरीके से अपने बैंक खातों में स्थानांतरित करा ली थी। कृषि विभाग की शिकायत पर 12 दिसंबर 2025 को अपराध दर्ज किया गया था। इस मामले के मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इस फर्जीवाड़े में तीन और आरोपी गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जांच को आगे बढ़ाते हुए छुरिया पुलिस ने 2 फरवरी को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें चचौद (गरियाबंद) निवासी हेमंत वैष्णव (38 वर्ष), सुराडबरी (केसीजी जिला) निवासी बालमुकुंद जंघेल (29 वर्ष) और गोपालपुर (छुरिया) निवासी रुखमणि कंवर चंद्रवंशी (30 वर्ष) शामिल हैं। पूछताछ में इन तीनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। थाना छुरिया पुलिस के अनुसार, इस बड़े घोटाले की जांच अभी जारी है। पुलिस अन्य कड़ियों को जोड़ रही है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में सेंध लगाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


