वित्त मंत्री हरपाल चीमा के हलके में एक ही गांव के लड़का-लड़की ने आपस में शादी कर दी। दो महीने से लड़का-लड़की गांव में ही रह रहे हैं। पंचायत व पूरा गांव उन्हें गांव से बाहर जाने को कह रहा है। जब वो गांव छोड़कर नहीं गए तो पंचायत ने उनका बायकॉट करने का फैसला कर दिया। रोगला गांव की पंचायत ने नवंबर महीने में एक प्रस्ताव पास किया था कि अगर गांव के लड़के व लड़की ने आपस में शादी की तो उन्हें गांव से निकाल दिया जाएगा। पंचायत के प्रस्ताव के बाद एक लड़के व लड़की ने शादी कर दी। पंचायत उन्हें गांव से जाने को कहती रही लेकिन वो जिद पर अड़े रहे और उन्होंने गांव नहीं छोड़ा। गांव वालों का तर्क है कि प्रस्ताव पास होने के बाद जब उन्होंने शादी की थी तो उसी दिन उनको गांव छोड़ने काे कहा गया। दोनों ने मान लिया था कि वो एक दो दिन में गांव छोड़कर चले जाएंगे लेकिन वो अभी यहीं पर जमे हुए हैं। गांव की सरपंच मनप्रीत कौर के पति गुरप्रीत सिंह का कहना है कि गांव के लोगों ने सार्वजनिक मीटिंग करके अब उनके बायकॉट का फैसला किया है। इसके अलावा पंचायत दोनों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायत करेगा। उनका कहना है कि ऐसा करने से गांव का माहौल खराब होता है। लड़की के माता पिता की हो गई मौत गांव के लोगों का तर्क है कि जब इन दोनों ने शादी की उसके बाद गम में लड़की के माता पिता दोनों की मौत हो गई। लोगों का कहना है कि लड़की को तब भी इस बात का पछतावा नहीं हुआ कि उसकी वजह से उसके माता पिता की मौत हो गई। पंचायत के दौरान ग्रामीणों का कहना है कि लड़का व लड़की अलग अलग बिरादरी से संबंध रखते हैं। ऐसे में गांव में दो बिरादरियों का आपस में टकराव हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को हल करवाया जाए। गांव में कोई उनके साथ नहीं रखेगा संबंध गुरप्रीत सिंह ने बताया कि गांव की पंचायत ने सार्वजनिक बैठक में फैसला किया कि उनके साथ पूरा गांव कोई संबंध नहीं रखेगा। गांव के लोग उनको अपने किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाएंगे और उनके सुख दुख में शामिल नहीं होंगे। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके गांव में अलग अलग विरादरी के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं। गांव में माहौल खराब न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे इसके लिए पंचायत ने सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास किया था। उस प्रस्ताव में गांव की हर विरादरी के लोगों की सहमित दर्ज थी। पंचायत सदस्य बलकार सिंह का कहना है कि इस तरह के कार्यों से गांव का माहौल खराब होता है। बलकार सिंह ने कहा कि लड़का व लड़की पक्ष गांव में ही होने पर आपस में दोनों बिरादरियों में टकराव का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि दोनों गांव से बाहर जाकर रहें किसी को कोई एतराज नहीं है।


