डॉ. अशोक कृिष वैज्ञानिक गढ़वा । गढ़वा | कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वर्तमान में जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। वहीं निचले इलाकों में राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपरी इलाकों तक वर्षा एवं मध्य प्रदेश के एक- आध जगहों पर ओलावृष्टि भी देखी गई है। ऐसी स्थिति में अपने यहां इस सप्ताह ठंड की स्थिति बनी रहेगी। वहीं कुछ जगहों पर आधी रात के बाद मध्यम दर्जे के कोहरे बनेंगे। बीच-बीच में छिटपुट बादल दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय तक ठंड का रहना रबी फसलों के लिए लाभदायक है। रबी फसलों में अब सिंचाई और कीट बीमारी का ससमय प्रबंधन करते रहें। फसलों में दीमक का आक्रमण हो सकता है, जिसके प्रबंधन हेतु क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी. 1.5 से 2 लीटर प्रति एकड़ की दर से 20 से 25 किलो बालू में मिलाकर सिंचाई पूर्व खेत में छिड़कें। मटर में पत्तियों, फलियों या तनों पर सफेद चूर्ण वाली बीमारी दिखे तो 1.5 मि.ली. कैराथेन या 3 ग्राम सल्फैक्स प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। चना, मसूर में उकठा रोग दिखाई दे तो कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर जड़ क्षेत्र पर मोटा छिड़काव करें। आलू में झुलसा रोग के प्रबंधन हेतु रिडोमिल एम जेड 78 का 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर एक सप्ताह पर दो छिड़काव करें। सरसों में लाही के प्रबंधन हेतु इमिडाक्लोप्रिड 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। प्याज एवं लहसुन के पत्तों पर धब्बे बन रहे हों, तो कीटनाशक का छिड़काव करें। आप खेती-किसानी से जुड़े किस विषय पर जानकारी चाहते हैं, वॉट्सएप नंबर 8092597083 पर सिर्फ मैसेज करें।


