भास्कर न्यूज | चाईबासा झींकपानी प्रखंड अंतर्गत टुटुगुट टोला कसेया (मडबेड़ा) गांव में अवस्थित नव प्राथमिक विधालय कासेया में शिक्षिका नीति बानरा और एसएमसी के अध्यक्ष पवन पूर्ति द्वारा अनियमितता एवं भ्रष्ट्राचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त शिकायत पत्र 15 दिसंबर 2025 को जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपा था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ग्रामीणों में सोमवार को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कोल्हान प्रमंडल को मांग पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंपे गए शिकायत पत्र की एक प्रति भी संलग्न की है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि बच्चों को पिछले दो वर्ष से अंडा, मौसमी फल और मड़ुवा कभी खिलाया ही नहीं जा रहा है। अपात्ति करने पर सीधा जवाब मिलता है कि प्रखंड से जिला तक के पदाधिकारी जानते हैं कि में अंडा, मौसमी फल और मड़ुवा नहीं देता हूं। प्रखंड से जिला तक सबकी मिलीभगत है। तुम लोग कुछ नहीं कर पाओगे। अध्यापिका नीति बानरा 9 बजे सुबह हाजिरी बना कर हर रोज घर चली जाती है और नहा धोकर दोपहर 12 बजे आती हैं। बच्चों को पढ़ाती ही नहीं हैं। विद्यालय में डेकची, बर्तन, करछुल एवं अन्य भोजन बनाने की सामाग्री तक उपलब्ध नहीं है। रसोइया लोग अपने घर से ले जाकर काम करती है। अध्यापिका नीति बानरा और अध्यक्ष पति-पत्नी हैं। ये वर्षों से यहां जमे हुए हैं। किसी ग्रामीण के ज्यादा बोलने पर अध्यक्ष व्यक्तिगत दुश्मनी समझ लेते हैं और धमकी देते हैं। ऐसा दो-तीन बार हो चुका है। वर्षों से विद्यालय भवन भी अधूरा है। दोनों ने मिल कर राशि की निकासी कर गबन कर लिया है। ग्रामीणों ने अध्यापिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अध्यापिका नीति बानरा का असली नाम सुरजमुनी बानरा है। जो स्कॉट बालिका उच्च विद्यालय चाईबासा से सन 2006-07 में मैट्रिक परीक्षा दी थी और फेल हो गई। नीति बानरा उसकी बहन का नाम है और सर्टीफिकेट भी उसकी बहन का ही है, जो जांच का विषय है।


