निर्मोही अखाड़े में व्यवस्थापक नियुक्ति पर विवाद:महंत का दावा-पंचों की सहमति से हुआ फैसला; अनुपस्थित पंचों से फोन पर मंजूरी

उज्जैन स्थित अखिल भारतीय श्री पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़े में व्यवस्थापक की नियुक्ति पर उठे विवाद को लेकर महंत मदनमोहन दास ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि, चरणदास महाराज की व्यवस्थापक पद पर नियुक्ति पूर्णतः वैधानिक है और यह सभी पंचों की सहमति से की गई है। यह नियुक्ति महंत रामसेवक दास महाराज के प्रयागराज कुंभ में निधन के बाद की गई है। शुक्रवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में तीनों वैष्णव अखाड़ों के महंत और रामानंदीय निर्मोही अखाड़े के वरिष्ठ पंचों ने भाग लिया। इस दौरान अखाड़े के रिक्त महंत पद की स्थायी नियुक्ति तक के लिए चरणदास महाराज को व्यवस्थापक नियुक्त किया गया। महंत मदनदास महाराज ने स्पष्ट किया कि अखाड़े में किसी भी नियुक्ति का अधिकार केवल पंचों को है। बैठक में भूमि स्वामी पंच महंत भगवानदास चित्रकूट, महंत नृसिंहदास चित्रकूट, महंत मदन मोहनदास वृंदावन और महंत रामसखा दास चित्रकूट, महंत रामस्वरूप दास चित्रकूट उपस्थित थे। चार अन्य महंत – रामस्वरूप दास चित्रकूट, अयोध्यादास अभिरामपुर गुजरात, राधे बाबा केकड़ी राजस्थान और दिनेंद्रदास अयोध्या प्रयागराज कुंभ में व्यस्त होने के कारण अनुपस्थित थे, जिनकी सहमति दूरभाष पर प्राप्त की गई। अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास महाराज ने इस नियुक्ति को अवैधानिक बताते हुए आपत्ति जताई है। इस विवाद के बीच महंत मदनदास महाराज का स्पष्ट कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया पूर्णतः नियमानुसार की गई है।

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