तेलीबांधा पार्किंग मुद्दा; महापौर ने बताई योजना:दोपहर 12 बजे तक चार्ज नहीं, इवनिंग वॉक के लिए एक हिस्सा सुरक्षित रखेंगे

तेलीबांधा तालाब में सुबह 12 बजे तक आने वाले लोगों से कोई भी पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं इवनिंग वाक के लिए आने वालों के लिए भी गाड़ी पार्किंग का एक हिस्सा सुरक्षित रखा जाएगा। लेकिन होटल के मालिक और ग्राहक जो घंटों गाड़ी पार्क कर बैठते हैं, अस्त-व्यस्त गाड़ी खड़ी करते हैं। उनसे ही पार्किंग शुल्क वसूलने की प्लानिंग है। महापौर मीनल चौबे ने सोमवार को तेलीबांधा पार्किंग विवाद पर साफ कहा कि आमजनों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। सुबह या शाम के समय वाक करने वालों से किसी तरह का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारा उद्देश्य कमाई बि​ल्कुल नहीं है। हमारा विजन जाम की स्थिति को सुधारने का है। इसलिए यह सिस्टम लागू किया जा रहा है।
दरअसल, नगर निगम ने तेलीबांधा तालाब किनारे की सड़क पर गाड़ी खड़ी करने वालों से पार्किंग शुल्क वसूलने की तैयारी में है। इसे लेकर वहां बोर्ड भी लगा दिया गया है। जैसे ही यहां बोर्ड लगाया गया, लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। भास्कर ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इस मामले में निगम प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल गाड़ियों का डेटा तैयार किया जा रहा हे। निगम ने जोन क्रमांक 3 और मुख्यालय के कर्मचारियों को शाम 3 बजे के बाद यहां तैनात कर दिया है। ताकी वे यहां आने वाले वाहनों की संख्या, होटल-रेस्टोरेंट्स में आने वाले ग्राहकों की जानकारी के साथ इवनिंग वाक पर आने वालों की संख्या जुटा सकें। निगम का दावा है कि यहां आने वाले लोगों से कमाई के लिए नहीं बल्कि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए पार्किंग शुल्क लेने की तैयारी है।
वीकेंड पर शाम 5 बजे के बाद 600 बाइक, 100 कारें रोटेशन में रात 12 बजे तक खड़ी रहती हैं
तेलीबांधा तालाब किनारे सड़क पर वो गाड़ियां खड़ी होती हैं जो वाक करने, घूमने और रेस्टोरेंट्स में समय बिताने के साथ ही अपनी गाड़ी खड़ी कर जॉब में जाते हैं। यातायात पुलिस की मानें तो सड़क के पार्किंग लेन में वीकेंड्स में 600 से अधिक बाइक रोटेशन में शाम 5 से रात 12 बजे तक हमेशा मौजूद रहती है। 100 की संख्या में कार भी पार्क रहती है। मतलब करीबन 1600 लोग यहां वीकेंड्स में शाम से लेकर रात तक मौजूद रहते हैं। वीकेंड्स में ही लेन से बाहर गाड़ी खड़ी करने वाले करीब 70 पर ई-जुर्माना लगाया जाता है। बाइक्स को टो करके थाना लाया जाता है तो कार के पहिए में लॉक कर दिए जाते हैं। लेन से बाहर गाड़ी खड़ी करने पर कार्रवाई
लेन के बाहर गाड़ी खड़ी करने वालों पर ही कार्रवाई होती है। बाइक को टो किया जाता है और कार के पहिए में लॉक लगाते हैं। उनका ई-चालान काटा जाता है। साथ ही एक टीम दिनभर पेट्रोलिंग करती है।
– भुवनेश्वर साहू, प्रभारी यातायात थाना तेलीबांधा

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