कांग्रेस सहित कई मजदूरों और संगठनों ने सोमवार को मनरेगा का नाम बदलने और जी राम जी योजना के खिलाफ धरने दिए। अधिकांश जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। गांवों में चौपाल के बाद अब कांग्रेस दूसरे चरण के तहत सिविल सोसायटी और मनरेगा मजदूरों के साथ धरना दे रही है। जयपुर के शहीद स्मारक पर शहर कांग्रेस, देहात पूर्व और देहात पश्चिम इकाइयों के संयुक्त बैनर तले सिविल सोसायटी और मनरेगा मजदूरों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने वीबी जी रामजी कानून को वापस लेने और फिर से मनरेगा एक्ट को ही लागू करने की मांग की। संगठनों ने राजधानी में सरकार को चेतावनी भी दी कि यदि इस एक्ट को वापस नहीं लिया गया तो मनरेगा के मजदूर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। सुनील शर्मा ने कहा- उद्यमी मित्रों के लिए मनरेगा खत्म किया जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने चंद उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए मनरेगा एक्ट को कमजोर किया है। मोदी सरकार को गांव के लोग नहीं, बल्कि अडानी अंबानी चाहिए। जयपुर ग्रामीण पूर्व के अध्यक्ष गोपाल मीणा ने कहा कि वीबी जी रामजी एक्ट सीधे तौर पर देश के गरीब मजदूर के जीवन यापन पर प्रहार है। कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज बोले- नाम ही नहीं बदला बल्कि यह रोजगार छीनने का काम किया है। नया कानून मनरेगा को खत्म करने का षड्यंत्र है। कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा ने कहा कि अप्रत्यक्ष तौर पर केंद्र सरकार मनरेगा को खत्म करना चाहती है, इसलिए इसमें कई तरह के बदलाव किए गए हैं। विधानसभा में विपक्षी सचेतक रफीक खान ने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए यह योजना लेकर आई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने योजना खत्म कर दी।


