सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। एक X यूजर अमरनाथ द्वारा पूछे गए एक सवाल के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया, जिसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। X पर अमरनाथ नाम के यूजर ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू से सवाल किया कि You are a doctor who got herself treated with urine और क्या वह कैंसर जैसे गंभीर रोग को लेकर लोगों को गलत संदेश दे रही हैं। इस सवाल के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक छोटी वीडियो क्लिप को आधार बनाकर बहस शुरू हो गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पूरे संदर्भ के साथ अपना पक्ष रखा। उन्होंने साफ कहा कि वायरल किया गया वीडियो आधे घंटे की बातचीत का सिर्फ एक सेकंड का हिस्सा है और आधी जानकारी हमेशा खतरनाक होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरा वीडियो जरूर देखें। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैंसर होने की स्थिति में एलोपैथिक इलाज ही एकमात्र मुख्य इलाज है। इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मरीज को अपने ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा तय किया गया बेसिक ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल ही फॉलो करना चाहिए। गलत खान-पान नकारात्मक असर उन्होंने आगे बताया कि उनकी बातचीत का उद्देश्य केवल सहायक उपचार पर चर्चा करना था, न कि मुख्य इलाज के विकल्प के तौर पर। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति इलाज के साथ-साथ लगातार शुगर, रिफाइंड ऑयल, अत्यधिक अम्लीय चीजे, प्रिजर्व्ड फूड, कीटनाशक लगे खाद्य पदार्थ और गलत जीवनशैली अपनाता रहेगा, तो शरीर पर उसका नकारात्मक असर पड़ेगा। उनके अनुसार सही खान-पान और जीवनशैली बदलाव से कोशिकाओं की सूजन और घातक प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन यह इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि इलाज को सहारा देने वाला पहलू है। अंत में उन्होंने दोहराया कि अधूरी क्लिप और आधी जानकारी के आधार पर किसी को जज करना गलत है और गंभीर बीमारियों में हमेशा वैज्ञानिक और डॉक्टरों की सलाह को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जानिए पूरा मामला क्या है… हाल ही में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू वृंदावन गई थीं। वहां उन्होंने सबसे पहले प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इसके बाद वह गौरी गोपाल आश्रम पहुंचीं, जहां आश्रम प्रमुख और कथा व्यास अनिरुद्धाचार्य से उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान डॉ. नवजोत कौर ने उन्हें अपनी कैंसर से जुड़ी कहानी साझा की। डॉ. नवजोत कौर ने बताया कि वह पेशे से डॉक्टर हैं। जब उन्हें कैंसर हुआ, तब डॉक्टरों की टीम ने कहा कि उनका समय बहुत कम है और वह केवल चार हफ्ते की मेहमान हैं। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेदिक दृष्टिकोण अपनाया, अपनी डाइट बदल ली और नियमित रूप से गोमूत्र का सेवन शुरू किया।


