सीधी में रेत परिवहन करने वाले ट्रक ऑपरेटर बता रहे हैं कि उन्हें 10 हजार प्रति महीने अमिलिया पुलिस को एंट्री फीस देनी पड़ रही है। दरअसल, में सीधी जिले में वर्तमान में रेत नहीं निकल रही है। जिसकी वजह से सीधी, रीवा, मऊगंज और उत्तर प्रदेश में ट्रक ऑपरेटर सिंगरौली जिले से रेत लेकर जाते हैं। लेकिन उन्हें हर महीने के हिसाब से प्रति गाड़ी अमिलिया पुलिस को एंट्री फीस देनी पड़ रही है और मजबूरी में कई गाड़ी वाले सभी गाड़ी के हिसाब से अमिलिया पुलिस को एंट्री फीस दे भी रहे हैं। सोन नदी का पुल पार करने की वजह से लगती है एंट्री फीस एक ट्रक मालिक शिवम् पांडे ने बातचीत के दौरान बताया कि हम लोग सिंगरौली जिले से रेत लेकर के आते हैं और उसे मऊगंज उत्तर प्रदेश में बेचते हैं। लेकिन जैसे ही अमिलिया-बहरी मार्ग के मध्य सोन नदी के क्षतिग्रस्त जोगदह पुल को पार करते हैं। वैसे ही अमिलिया की तरफ पुलिस पकड़ लेती है और फिर शुरू होता है पैसा वसूली का कार्य। अगर नहीं हुई एंट्री तो कार्रवाई का डर दिखाया जाता एक ट्रक मालिक भरत लाल साहू यह बताया कि अगर हम अमिलिया थाना में 10 हजार की एंट्री नहीं कराएंगे तो उसे पुलिस आए दिन पकड़ेगी और पैसे की डिमांड करेगी और अगर पैसा नहीं दिए तो कार्रवाई की धौंस दिखाई जाती है। इसके अलावा गाड़ियों को खड़ी कर लिया जाता है जिसके बाद हमें काफी नुकसान होता है। सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से आती हैं गाडियां एक वाहन चालक रविन्द्र ने कैमरे के सामने बोलने से तो मना कर दिया। लेकिन मौखिक रूप से बताया कि हमारे उत्तर प्रदेश से 8 से 10 गाड़ियां लगातार आती हैं। हम लोगों के द्वारा सभी वाहनों की एंट्री फीस दे दी गई है। वहीं एक अन्य वाहन चालक भरत लाल साहू ने बताया कि वाहन (MP 53 GA 3527) को पकड़ा गया है और 10 हजार रुपए की एंट्री मांगी जा रही है। रात के अंधेरे में होता है पूरा खेल ड्राइवर ने कहा, रात के 10 बजे से अमिलिया पुलिस का पूरा खेल शुरू हो जाता है जैसे ही गाड़ियां सोन नदी की पुल पार करती हैं उन्हें दबोच लिया जाता है और थाने के आसपास खड़ा कर लेन-देन का काम सुबह तक जारी रहता है। प्रतिदिन निकलती है एक सैकड़ा से अधिक गाड़ियां लगभग दो साल पूर्व अमिलिया बहरी मार्ग के मध्य सोन नदी की जोगदह पुल 2 वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी लेकिन अब फिर से शुरू हो गई है। पुलिस अधिकारी बोले- हमारे पास नहीं आई शिकायत वहीं थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि रुटीन चेकअप में सभी वाहनों के वैध दस्तावेज जांचे जा रहे थे। किसी से अवैध वसूली नहीं की जा रही थी। हमारे ही थाने के पदस्थ कुछ आरक्षक और अन्य स्टाफ ने मिलकर चेकिंग लगाई थी। ऐसी मेरे पास भी कोई शिकायत नहीं आई है कि अवैध वसूली हो रही हो। एसपी सीधी डॉ. रवींद्र वर्मा ने कहा है कि मेरे पास अभी लिखित या मौखिक किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं पहुंची है। फिर भी हम इस पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से जांच करवाएंगे और जांच के उपरांत हम कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।


