एअर इंडिया के एक पायलट ने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित तकनीकी खराबी की सूचना दी है। लंदन के हीथ्रो से बेंगलुरु तक उड़ान संचालन के बाद यह शिकायत दर्ज की गई। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह बेंगलुरु में लैंडिंग के बाद पायलट ने विमान की डिफेक्ट लॉग बुक में उल्लेख किया कि बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘रन’ से ‘कट ऑफ’ की ओर फिसल रहा था और वह अपनी स्थिति में लॉक नहीं हो पा रहा था। बता दें कि ‘रन’ और ‘कट ऑफ’ स्विच का उपयोग इंजन को शुरू या बंद करने के लिए किया जाता है। यह विमान उड़ान संख्या एआई-132 का संचालन कर रहा था, जिसमें 200 से अधिक यात्री सवार थे। एअर इंडिया ने कहा कि पायलट की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद संबंधित विमान को ग्राउंड कर दिया है। मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) बोइंग को जांच के लिए शामिल किया है। मामले की जानकारी विमानन नियामक डीजीसीए को भी दे दी गई है। एअर इंडिया ने कहा कि डीजीसीए के निर्देश पर उसके पूरे बोइंग 787 बेड़े के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच की जा चुकी है और उस दौरान कोई खामी सामने नहीं आई थी। ड्रीमलाइनर विमानों की इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गहन जांच हो: पायलट्स फेडरेशन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने दावा किया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी लंदन हीथ्रो पर ही सामने आ गई थी। संगठन ने कहा कि वह जून 2025 में हुए एआई171 हादसे के बाद से ड्रीमलाइनर विमानों की इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गहन जांच की मांग करता आ रहा है। गैर-लाभकारी संस्था सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने बयान जारी कर कहा कि इंजन स्टार्ट के दौरान बाएं इंजन का फ्यूल स्विच दो बार ‘रन’ स्थिति में लॉक नहीं हो पाया और ‘कट ऑफ’ की ओर बढ़ गया, जिससे कुछ परिस्थितियों में उड़ान के दौरान इंजन बंद होने का जोखिम हो सकता है। अहमदाबाद में क्रैश हुआ था एअर इंडिया का विमान: जून 2025 में अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की बोइंग 787-8 उड़ान एआई-171 के टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में दोनों इंजनों में ईंधन आपूर्ति अचानक बंद होने की बात सामने आई थी। इस दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो कर रहा है।


