जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में संचालित एनटीपीसी रायकेरा कोयला खनन परियोजना के विरोध में प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीणों की शांतिपूर्ण हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी रही। आंदोलन में किसान, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तहसीलदार और एनटीपीसी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने केवल स्थिति का जायजा लिया और किसी भी मांग पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि तिलाईपाली, कधरमौहा और रामपुर सहित कई गांवों में बिना ग्रामसभा की अनुमति के काम किया जा रहा है, जो पीएसए कानून और पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि मुआवजा और पुनर्वास के लिए वे पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन एनटीपीसी का जवाब अधूरा और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को टालने वाला था। 9 जनवरी को हुई द्विपक्षीय वार्ता भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। आंदोलनकारियों ने बताया कि तेंदूपत्ता कार्डधारी परिवारों को प्रति कार्ड 5 लाख रुपए मुआवजा देने का आश्वासन पहले दिया गया था, लेकिन अब तक किसी को भुगतान नहीं मिला है। इसके अलावा रोजगार, पुनर्वास और बेरोजगारी भत्ते से जुड़ी मांगें भी लंबित पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लिखित में ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।


