भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के नया नगला स्थित वन क्षेत्र में सोमवार को बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आया। यहां करीब तीन बीघा वन भूमि से 159 हरे पेड़ों को काट दिया गया। इनमें राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित कई कीमती प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। इस मामले में वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सहायक वनपाल कुंवर सिंह और वनरक्षक नीरज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। दूसरे दिन मंगलवार को जांच के लिए राजस्व विभाग ने कमेटी गठित की है। वहीं डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की विशेष टीम ने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग ने बताया – ग्रामीणों ने आरा मशीनों से पेड़ों की कटाई की और उन्हें पिकअप वाहनों में भरकर ले गए। इसके अलावा, दो जेसीबी मशीनों की मदद से जंगल की जमीन को खेती के लिए समतल कर दिया गया। इस कार्रवाई से जंगल की प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों के आवास को भारी नुकसान पहुंचा है। रेंजर हरभान सिंह ने बताया कि काटे गए पेड़ों में 12 खेजड़ी, 71 सफेद खैर, 48 रोझ, 10 बबूल, 6 पापड़ी, 9 बिरबिरी, 2 पीलू और 1 हिंगोट का पेड़ शामिल है।
फॉरेस्ट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कार्रवाई करते हुए सहायक वनपाल की ओर से बयाना सदर थाने में फॉरेस्ट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई। आरोपियों में नया नगला निवासी कुंवर सिंह, बहादुर, लच्छी, समय सिंह, अतर सिंह, राम प्रसाद, रामराज, मलखान, भीम सिंह, हरि सिंह और श्यामपुरा निवासी लाखन व खानखेड़ा निवासी जोगेंद्र सिंह शामिल हैं। जेसीबी चालकों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। सदर थाना एसएचओ शैलेंद्र कुमार ने बताया – पेड़ काटने के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दो वनकर्मी सस्पेंड, एक को नोटिस मामले में अवैध कटाई रोकने में नाकाम रहने और राजकार्य में लापरवाही बरतने पर वन विभाग ने कार्रवाई की है। प्राथमिक विभागीय जांच के बाद सहायक वनपाल कुंवर सिंह और वनरक्षक नीरज कुमार को उच्च अधिकारियों के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। वहीं, बयाना रेंजर हरभान सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच के लिए कमेटी गठित उधर, विवादित जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग ने भी कमेटी गठित कर पैमाइश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार वैशाली धाकड़ ने बताया – सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। राजस्व रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि सिवायचक(सार्वजनिक भूमि) या चारागाह नहीं है, बल्कि फॉरेस्ट लैंड है, जिसमें कुछ हिस्सा निजी खातेदारी का भी है। पूरी जमीन की सीमा स्पष्ट करने और स्थिति साफ करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जो विस्तार से पैमाइश करेगी। आरा मशीनों पर शिकंजा, गिरफ्तारी की तैयारी डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने बताया – प्रकरण संज्ञान में आते ही विशेष टीम का गठन किया गया है, जो बयाना रेंज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। फिलहाल 8 आरा मशीनें सीज की जा चुकी हैं और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।


