राजसमंद में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कोटा देहात जिला संगठन प्रभारी मान सिंह बारहठ ने वीबी जीराम जी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। बारहठ ने आज पुठोल पंचायत में मनरेगा श्रमिकों को वीबी जीराम जी बिल (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण) की जानकारी दी। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा नेता नर्बदा शंकर पालीवाल सहित भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। बोले- जीराम जी आत्मनिर्भर बनने की नींव बारहठ ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए बताया कि यह बिल ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो रोजगार, आजीविका और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में नरेगा के रूप में शुरू हुई योजना को 2009 में महात्मा गांधी नरेगा का नाम दिया गया था, और अब समय की आवश्यकता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे और अधिक प्रभावी बनाकर वीबी जीराम जी के रूप में प्रस्तुत किया है। अब बढ़ाकर 125 दिन का रोजगार उन्होंने बताया कि जहां पहले मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर प्रति वर्ष 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि नरेगा बंद हो जाएगा, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। खेती के समय 60 दिन योजना को विश्राम दिया जाएगा बारहठ ने कहा कि इस बिल के माध्यम से ग्राम पंचायतों को अपने गांव के विकास की योजना स्वयं तैयार करने का अधिकार मिला है। पहले फैसले दिल्ली से होते थे, अब पंचायत और गांव की जरूरतों के आधार पर योजनाएं बनाई जाएंगी। किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि खेती के चरम सीजन में मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए योजना को वर्ष में 60 दिन तक विश्राम दिया जाएगा।


