अलवर जिले के पटवारियों की दूसरे दिन मंगलवार को भी हड़ताल जारी हैं। मिनी सचिवालय के बाहर बैठे पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अलवर कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला से मुलाकात कर सस्पेंड पटवारी को बहाल करने की मांग की। इस दौरान पटवारियों ने चेताया कि सस्पेंड पटवारी करण सिंह को बहाल नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पटवारी संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि मिनी सचिवालय के बाहर धरना जारी है। पटवारी हड़ताल पर हैं। हालांकि, मंगलवार को कलेक्टर ने समाधान करने का आश्वासन दिया है। सस्पेंड पटवारी के बहाल नहीं होने तक आंदोलन को उग्र करेंगे। महासंघ को भी पटवार संघ का साथ देना पड़ेगा। प्रशासन ने तानाशाह तरीके से किया निलंबन जिला महामंत्री केशव सिंह ने कहा कि प्रशासन ने तानाशाह तरीके से निलंबन किया। कोर्ट से स्थगन के आदेश की पालना नहीं हो रही है। जिसके कारण पटवार संघ में रोष है। कई बार प्रशासन को वास्तविकता से अवगत करा दिया। उसके बावजूद उनकी नहीं सुनी जा रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जानिए, क्या है पूरा मामला वर्ष 1992 में अलवर-भिवाड़ी रोड निर्माण के लिए आठ गांव- अलवर नंबर एक, सामोला, मूंगस्का, भूगोर, बल्लाबोड़ा, खुदनपुरी, देवखेड़ा और तूलेड़ा की जमीन का अवार्ड जारी हुआ था। हालांकि, यह जमीन पीडब्ल्यूडी के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो सकी। करीब दो साल पहले देवखेड़ा के पटवारी करण सिंह चौधरी ने विरासत का एक म्यूटेशन खोल दिया था। इस पर 24 दिसंबर को जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने पीडब्ल्यूडी की अवाप्तशुदा जमीन का नामांतरण विभाग के नाम दर्ज न कर व्यक्ति विशेष के नाम दर्ज करने को राजकार्य में लापरवाही मानते हुए पटवारी करण सिंह को निलंबित कर दिया था। करण सिंह इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए और 13 जनवरी को प्रशासन के सामने स्टे पेश किया, इसके बावजूद उन्हें बहाल नहीं किया गया। पटवारियों की मांग है कि निलंबित पटवारी करण सिंह चौधरी को न्याय दिलाया जाए और उन्हें तत्काल पुनः ज्वॉइन कराया जाए। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जिले भर के पटवारी हड़ताल पर:मिनी सचिवालय के बाहर काम बंद कर बैठे, कलेक्टर ने नहीं किया सस्पेंड पटवारी को बहाल अलवर के पटवारी करण सिंह चौधरी के निलंबन आदेश पर कोर्ट स्टे के बावजूद बहाल नहीं करने पर जिले भर के पटवारी सोमवार से मिनी सचिवालय के बाहर हड़ताल कर बैठ गए हैं। जिससे जिले भर में जमीनों के नामांतरण सहित छोटे-बड़े काम ठप हो गए हैं। पहले पेन डाउन हड़ताल कर चेताया था। लेकिन उनकी मांग नहीं मानी तो अब सब हड़ताल पर उतर आए हैं।(पूरी खबर पढ़ें)


