टंडवा | टंडवा थाना क्षेत्र के कढ़नी गांव में दो बच्चो के बीच हुए विवाद के बाद हुई मारपीट के मामले में टंडवा पुलिस ने पति-पत्नी समेत पतोहू को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। जिसमें देवा उर्फ रामदेव ठाकुर, पत्नी सकुंतला देवी तथा पतोहू सुनीता देवी का नाम शामिल है। उलेखनीय है कि बीते 25 जनवरी को दो बच्चों के खेल के दौरान हुए विवाद के बाद एक पक्ष के लगभग आधा दर्जन लोगों ने लाठी डंडे के साथ दूसरे पक्ष पर जान लेवा हमला कर चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में भुक्तभोगी मनोज मिस्त्री ने स्थानीय थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच करते हुए दो महिला समेत तीन लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। थाना क्षेत्र के कढ़नी गांव में दो बच्चों में खेल-कूद के दौरान हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था। एक सप्ताह पहले बीते रविवार शाम को गांव के सुबोध ठाकुर के बेटे सुजल कुमार और मनोज मिस्त्री के बेटे मोहित कुमार के बीच विवाद हुआ, जिसे दोनो के परिवार वालों ने मिलकर उसी वक्त ही सुलझा लिया था। इसी बीच आधी रात को सुबोध ठाकुर अपने पिता व भाई व दो-तीन महिलाएं मनोज मिस्त्री के घर पर पहुंचे और घर का दरवाजा तोड़ते हुए घर के भीतर घुस गये। इस बीच जब तक मनोज मिस्त्री व उसके परिवार वाले उनकी योजना के बारे में समझ पाते उससे पहले ही हाथों में रखे लाठी-डंडा जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें मनोज मिस्त्री सहित उसके पिता राम किशुन मिस्त्री,मां रीना देवी एवं पत्नी रीना देवी व बेटा मोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। भास्कर न्यूज़ | कोडरमा जिले में मंगलवार से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ शुरू होंगी। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष जिले में कुल 22,862 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिनमें मैट्रिक के 12,882 तथा इंटरमीडिएट के 9,980 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों में विज्ञान संकाय के 2,302, वाणिज्य के 460 तथा कला संकाय के 7,218 परीक्षार्थी हैं। वहीं पिछले वर्ष मैट्रिक परीक्षा में 12,680 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जबकि इंटर परीक्षा में कुल 9,610 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें विज्ञान के 2,572, वाणिज्य के 433 एवं कला के 6,605 परीक्षार्थी थे। इस तरह इस वर्ष दोनों परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिले में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सतगावां प्रखंड में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था इसी प्रखंड में की गई है, जबकि अन्य प्रखंडों के परीक्षार्थियों के लिए समीपवर्ती प्रखंडों में केंद्र बनाए गए हैं। मैट्रिक परीक्षा के लिए सड़गामा में 4, डोमचांच में 5, मरकच्चो में 3, चंदवारा में 3, कोडरमा में 8 तथा जयनगर में 4 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए भी कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 10 केंद्र कोडरमा एवं झुमरी तिलैया क्षेत्र में तथा स्थान की कमी को देखते हुए 3 केंद्र डोमचांच प्रखंड में बनाए गए हैं। प्रखंडवार परीक्षार्थियों की संख्या की बात करें तो सतगावां से 1,371, डोमचांच से 2,328, मरकच्चो से 1,536, चंदवारा से 1,449, कोडरमा से 4,063 तथा जयनगर से 1,535 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।प्रशासन ने कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन को लेकर सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था की है। साथ ही प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस बल एवं केंद्राधीक्षक की तैनाती की जाएगी। उड़नदस्ता दलों का गठन भी किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी तक तथा इंटरमीडिएट परीक्षा 23 फरवरी तक चलेगी। मैट्रिक की परीक्षा प्रथम पाली में एवं इंटर की परीक्षा द्वितीय पाली में आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षाएं उत्तर पुस्तिका पर आधारित होंगी। कोडरमा|झारखंड राज्य किसान सभा, कोडरमा ने केंद्रीय बजट 2026–27 को कृषि, किसान और ग्रामीण मजदूर विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ माहव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है। झारखंड राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव असीम सरकार ने आरोप है कि केंद्रीय बजट में कृषि को कोई ठोस स्थान नहीं दिया गया है और किसानों की आय बढ़ाने की बात केवल झूठा प्रचार साबित हुई है।किसान सभा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 भारतीय जनता की आजीविका के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र कृषि के रणनीतिक पुनरुद्धार के प्रति पूरी तरह विफल रहा है। वित्त मंत्री के बजट भाषण में कृषि को लगभग नजरअंदाज किया गया। छोटे और सीमांत किसानों का केवल एक बार उल्लेख हुआ, जबकि ग्रामीण मजदूरों का कोई जिक्र तक नहीं किया गया।केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण के हवाले से किसान सभा ने बताया कि वर्ष 2025 में कृषि की औसत विकास दर में गिरावट दर्ज की गई है। पिछली तिमाही में कृषि विकास दर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि पिछले दशक का औसत 4.45 प्रतिशत था। फसल उत्पादन में भी तेज गिरावट आई है। सभा ने ऐलान किया है कि 3 फरवरी से गांवों और पंचायतों में इस किसान-विरोधी, मजदूर-विरोधी और संघवाद-विरोधी बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही किसान सभा ने 12 फरवरी को प्रस्तावित आम हड़ताल को सफल बनाने की भी अपील की है।


