बारां का फूड एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (एफसीआई) का नया भवन दो विभागों के बीच खींचतान में उलझ गया है। निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी बजट को अपर्याप्त बता रही है, जबकि नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एनसीएचएमसीटी) ठेकेदार की लापरवाही मानते हुए अतिरिक्त बजट देने से इनकार कर रही है। इस खींचतान के कारण 7 साल बाद भी कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है और इस साल भी नए प्रवेश पर संशय बना हुआ है। फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2017 में शुरू हुआ था, जिसे 2019 तक पूरा किया जाना था। इस परियोजना के तहत लगभग 6.5 करोड़ रुपए की लागत से एकेडमिक भवन, प्रशासनिक भवन, चारदीवारी और गर्ल्स-बॉयज हॉस्टल का निर्माण प्रस्तावित था। कॉलेज भवन सहित अन्य निर्माण कार्य कई महीने पहले पूरे हो चुके हैं, लेकिन हॉस्टल का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। कॉलेज प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार हॉस्टल निर्माण की मुख्य कमी दूर नहीं हो पाई है, जिससे मान्यता मिलना मुश्किल हो रहा है। कॉलेज संचालन के लिए हॉस्टल का निर्माण अनिवार्य शर्त है। प्रबंधन ने कई बार आरएसआरडीसी और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण हॉस्टल निर्माण पर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। आगामी सत्र से कॉलेज शुरू करने की उम्मीद में प्रबंधन ने एक बार फिर केंद्र में करीब डेढ़ लाख रुपए निरीक्षण शुल्क जमा करवा दिए हैं। हालांकि, यदि हॉस्टल निर्माण की यह मुख्य कमी दूर नहीं होती है, तो मान्यता मिलना मुश्किल माना जा रहा है। एनसीएचएमसीटी ने हॉस्टल निर्माण को मुख्य शर्त मानते हुए कॉलेज को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। वहीं, आरएसआरडीसी का तर्क है कि वर्ष 2017 की स्वीकृति में हॉस्टल के लिए केवल 1.10 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था, जो मौजूदा दरों पर पर्याप्त नहीं है। इसी मुद्दे पर दोनों विभागों के बीच गतिरोध बना हुआ है। ठेकेदार ने कम दर पर टेंडर लेने के बाद लागत बढ़ने का हवाला देकर अतिरिक्त बजट की मांग की है। हालांकि, एनसीएचएमसीटी ने इसे ठेकेदार की लापरवाही से हुई देरी मानते हुए उसकी मांग को खारिज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप हॉस्टल का निर्माण पूरी तरह ठप पड़ा है। इधर, ओएसडी रजनी कुमारी ने बताया कि पिछले साल आई केंद्रीय निरीक्षण टीम ने संचालन स्वीकृति व मान्यता देने से पहले आवश्यक मापदंडों के अनुरुप व्यवस्थाओं का अवलोकन किया था। यहां हॉस्टल निर्माण, बार काउंटर समेत कुछ मुख्य कमियां बताई थी। अधिकांश कमियां तो दुरुस्त कर दी गई हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा हॉस्टल निर्माण के लिए बजट कम बताया जा रहा है। इसी कारण कॉलेज का संचालन शुरु होने व मान्यता मिलने में दिक्कत आ रही है। इस सबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। वहीं, आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट निदेशक अनुज मीणा ने बताया कि फूड एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के भवन की साल 2017 की स्वीकृति थी। यहां हॉस्टल के लिए 1.10 करोड़ का ही बजट है, जो काफी कम है। इस राशि में फिर 7780 स्क्वायर फीट एरिया में गर्ल्स हॉस्टल व 7780 स्क्वायर फीट एरिया में बॉयज हॉस्टल भवन तैयार करना संभव नहीं है। फिर भी हमनें कॉलेज प्रशासन व संबंधित विभाग को इस राशि के अनुसार संभव निर्माण करवाने के लिए पत्र लिखा हुआ है।


