वैभव गहलोत बोले- मनरेगा को बंद करने की कोशिश:सरकार के षड्यंत्र के खिलाफ आवाज उठाएंगे; जालोर में धरने में हुए शामिल

कांग्रेस ने मंगलवार को मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन के तहत जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें लोकसभा प्रत्याशी वैभव गहलोत भी शामिल हुए। उन्होंने कहा- केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा का नाम बदलने के साथ ही इससे समाप्त करने का प्रयास कर रही हैं। मनरेगा बचाओ आंदोलन को लेकर कमेटी बनाई गई हैं, जिसमें मुझे भी सदस्य बनाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा के प्रति जो षड्यंत्र रचा हैं, उसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई जाएगी। पहले मनरेगा में 10 प्रतिशत पैसा राज्य सरकार देती थी और अब भाजपा सरकार ने 40 प्रतिशत भार राज्य सरकार पर डाल दिया हैं। इससे आने वाले समय में राज्य स्तर से आने वाला बजट बंद हो जाएगा, जिससे यह योजना और मनरेगा ही बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले पंचायत स्तर से फैसला होता था कि पंचायत में कहां काम चलाना है, और क्या काम कराना हैं। लेकिन अब सरकार पंचायत के पास से यह अधिकार लेकर राज्य स्तर पर कर दिया हैं। इससे अब कहां काम होगा, इसका पूरा अधिकार कलेक्ट्रेट के अनुसार ही होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी परेशानी होगी। कांग्रेस नेता बोले- मनरेगा के मूल रूप को बदला जा रहा
धरने को कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा के मूल स्वरूप को बदल दिया है, जिससे ग्रामीण आजीविका प्रभावित हुई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जिसे वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, एक अधिकार-आधारित कानून है। यह हर ग्रामीण परिवार को मजदूरी रोजगार की मांग करने का वैधानिक अधिकार देता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ़ रहा है। नया VB-GRAM-G अधिनियम इस पूरे ढांचे से एक मौलिक विचलन है। यह काम की वैधानिक गारंटी को समाप्त करता है। कार्यक्रम से महात्मा गांधी के नाम को हटाया जाना भी श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के उन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास दर्शाता हैं। पूर्व मंत्री बोले- नेताओं को सिर्फ वोट का डर, वहीं करो
पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि सांचौर को जिला बनाने के बाद भाजपा सरकार ने वापस लिया गया हैं। जो गलत है। आमजन से निदेवन है कि नेताओं को वोट का डर रहता हैं, इसलिए उनको वोट की चोट दो, तब वह समझेंगे। वैभव बोले- जालोर जब-जब बुलाता है, तब-तब आता हूं
वैभव गहलोत ने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि समय-समय पर स्थानीय समस्याओं को लेकर भी सवाल उठाए गए है और आगे भी उठाए जाएंगे। हालांकि चुनाव हारने के बाद नदारद रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब भी कोई बड़ा प्रदर्शन होता है तो जरूर उसमें शामिल होने आते हैं। जब भी मुझे जालोरवासी बुलाते हैं, तब-तब जालोर आता हूं। आज जिला कोंग्रेस कमेटी जालोर द्वारा आयोजित मनरेगा बचाओं संग्राम धरना प्रदर्शन में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष विनय व्यास, एआईसीसी सदस्य ज़ितेन्द्र कसाना, एनएसयूआई प्रदेश सचिव दिलीप गर्ग ने चरखे से सूत कताई कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को सूत की माला पहनाकर मोदी सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के षड्यन्त्र का विरोध किया। धरना प्रदर्शन के बाद वैभव गहलोत समेत कांग्रेस कमेटी ने जालोर के पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल के घर रेवतड़ा व वरिष्ठ कांग्रेस नेता शहजाद अली सैय्यद के निधन पर शोक सभा में भाग लिया और श्रद्धांजलि दी।

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