बांसवाड़ा शहर के मदारेश्वर मार्ग पर शनिवार को मक्का मस्जिद के पास नहर में गिरे एक ऑटो को आखिरकार तीन दिन बाद मंगलवार को निकाल लिया गया। माही विभाग ने मशीनरी डूबने को पानी रोकने का पर्याप्त कारण नहीं माना। जानकारी के अनुसार- हादसा उस वक्त हुआ, जब रोहनिया कुपड़ा निवासी ड्राइवर भीम सिंह पुत्र गौतम ऑटो को मोड़ रहा था। अचानक ब्रेक फेल होने से ऑटो अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरा। गनीमत रही कि भीम सिंह ने नहर में गिरने से ठीक पहले छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। माही विभाग ने बंद नहीं किया पानी
हादसे के बाद पुलिस ने माही विभाग से नहर का पानी बंद करने का आग्रह किया था, जिससे रेस्क्यू आसानी से हो सके। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि “नियमों के मुताबिक केवल जनहानि (किसी व्यक्ति के डूबने) की स्थिति में ही गेट बंद किए जा सकते हैं, सिर्फ मशीनरी या वाहन के लिए नहीं।” इस तकनीकी पेंच के कारण तेज बहाव में ऑटो करीब एक किलोमीटर तक बह गया। 3 दिन बाद निकाला जा सका ऑटो
बहाव तेज होने के कारण सिविल डिफेंस की टीम को ऑटो का सुराग नहीं मिला। दो दिनों तक पानी के दबाव की वजह से टीम बेबस रही। मंगलवार को जब नहर में पानी का स्तर कुछ कम हुआ, तब टीम ने मशक्कत के बाद ऑटो को पानी से बाहर निकाला


