एम्स जोधपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने दुर्लभ एंजियोमिक्सोमा ट्यूमर को लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक निकाला। 21 × 10.5 × 7.5 सेंटीमीटर का विशालकाय ट्यूमर महिला के प्राइवेट पार्ट के पास था।
एम्स हॉस्पिटल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय महिला मरीज एम्स जोधपुर के स्त्री रोग विभाग में प्राइवेट पार्ट के पास बिना दर्द की सूजन की शिकायत लेकर आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्जरी से पहले स्त्री रोग, रेडियोलॉजी एवं सर्जरी विभागों के बीच समन्वय से सूक्ष्म एवं विस्तृत प्री-ऑपरेटिव तैयारी की गई। इसके बाद विभागाध्यक्ष प्रो. प्रतिभा सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. मीनाक्षी गोठवाल (अतिरिक्त प्रोफेसर) एवं डॉ. गरिमा यादव (अतिरिक्त प्रोफेसर) द्वारा लैप्रोस्कोपिक एवं पेरिनियल संयुक्त तकनीक से की गई। डॉक्टरों के मुताबिक डीप एंजियोमिक्सोमा एक अत्यंत दुर्लभ, धीरे-धीरे बढ़ने वाला सॉफ्ट-टिशू ट्यूमर है, जिसके विश्वभर में अब तक लगभग 400 के क़रीब मामले ही रिपोर्ट किए गए हैं। यह अधिकतर महिलाओं में प्रजनन आयु के दौरान पाया जाता है और आमतौर पर पेल्विस, पेरिनियम, वल्वा, योनि या रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र में विकसित होता है। इस सर्जरी में स्त्री रोग विभाग के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. माधवी मनीषा, डॉ. श्रष्टि , डॉ. श्रुति, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अनिता एवं डॉ. जननि , तथा नर्सिंग स्टाफ संतोष एवं नरेंद्र ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


