जोधपुर का हैंडीक्राफ्ट उद्योग जो विश्व भर में प्रसिद्ध है, लेकिन बीते कुछ माह से अमेरिका के टैरिफ के चलते प्रभावित था, लेकिन अब अमेरिकी बाजार में एक बार फिर से यहां का हैंडीक्राफ्ट निर्यात किया जा सकेगा। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में भारत के हैंडीक्राफ्ट आइटम पर भारी टैरिफ लगा दिया था। जिसके चलते यहां का हैंडीक्राफ्ट निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ था, कई फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर थी तो कही पर श्रमिकों को काम के भी लाले पड़ गए, लेकिन अब टैरिफ में ट्रंप की ओर से दिखाई गई नरमी से इस उद्योग को राहत मिलने की संभावना है। इसको लेकर हमने हैड़ीक्राफ्ट में एक्सपर्ट से बात की।
बता दें कि जोधपुर से हर वर्ष अमेरिका में करीब 2500 करोड़ रुपये से अधिक का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट किया जाता है, जो जोधपुर जिले के कुल एक्सपोर्ट का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है। यहां से लकड़ी का फर्नीचर, मेटल आर्ट, होम डेकोर और हैंडीक्रॉफ्ट आइटम को अमेरिका में एक्सपोर्ट किया जाता है। पूरे विश्व में यहां के हैंडीक्राफ्ट की एक अलग पहचान है। ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद दूसरे कार्यकाल में भारतीय उत्पादों पर पहले 25 प्रतिशत और बाद में अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया था। इस बढ़े हुए टैरिफ का सीधा असर जोधपुर के एक्सपोर्ट पर पड़ा और अमेरिका में होने वाला एक्सपोर्ट 50 प्रतिशत से नीचे गिर गया। कई एक्सपोर्टर के ऑर्डर भी रद्द कर दिए गए, वहीं कुछ को प्रोडक्ट की लागत बढ़ने के कारण नुकसान उठाना पड़ा।
अब टैरिफ में रियायत के बाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर का कहना है कि टैरिफ में राहत मिलने से अब दोबारा ऑर्डर मिलने लगेंगे और अमेरिकी खरीदारों का भरोसा भी लौटने लगा है। इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि कारीगरों को भी नियमित रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है।
बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भारत के हैंडीक्राफ्ट आइटम पर 25% टैरिफ को घटाकर 18% किया है। जो 25% अतिरिक्त टैरिफ था उस पर अभी बयान नहीं आया लेकिन ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह भी हटा लिया जाएगा और भारत पर सिर्फ 18% ही टैरिफ रहेगा।
ईपीसीएच के सीओए सदस्य, निर्मल भंडारी ने बताया कि ट्रंप को ओर से टैरिफ घटाने से इसका फायदा यहां से हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मिलेगा। हालांकि अभी तक कुल टैरिफ को लेकर स्पष्टता नहीं है, लेकिन 18 प्रतिशत तक यदि टैरिफ रहता है तो एक बार फिर से अमेरिका से ऑर्डर मिलने लग जाएंगे और इसके चलते यहां के हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को भी बूस्ट मिलेगा।


