जम्मू-कश्मीर में युवक पुलिस टॉर्चर से परेशान, सुसाइड किया:महबूबा की बेटी परिवार से मिलीं; उमर सरकार से पूछा- मुंह में दही क्यों जमा

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती रविवार को कठुआ पहुंची। यहां उन्होंने पुलिस हिरासत के बाद सुसाइड करने वाले माखन दीन के परिवार से मुलाकात की। 6 फरवरी को माखन दीन ने वीडियो रिकार्ड करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। वीडियो में उसने पुलिस के ऊपर टार्चर करने का आरोप लगाया था। महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इल्तिजा का माखन दीन के परिवार से मिलते हुए वीडियो पोस्ट किया। महबूबा ने लिखा कि आखिरकार इल्तिजा कठुआ के बिलावर पहुंची और माखन दीन के परिवार से मिल पाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि माखन दीन को पुलिस टॉर्चर की वजह से सुसाइड करना पड़ा। महबूबा की पोस्ट… यह बहुत दुखद है कि इल्तिजा को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए इतनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें एक भगोड़े की तरह यात्रा करनी पड़ी। रूलिंग पार्टी ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और सभी मुद्दों को लेफ्टिनेंट गवर्नर पर डाल दिया है। माखन दीन ने मरने से पहले वीडियो बनाया, 3 बातें कहीं थीं परिवार ने पुलिस पर 5 लाख रुपए मांगने का आरोप लगाया
माखन दीन के परिवार ने इल्तिजा से बात करते हुए पुलिस पर पैसे लेने के आरोप लगाए। परिवार ने कहा कि पुलिस ने माखन दीन को छोड़ने के बदले 5 लाख रुपए की डिमांड की थी। पुलिस ने कहा था कि पैसे दो तो माखन को छोड़ देंगे। पैसे नहीं दोगे तो ये जेल में ही रहेगा। पुलिस यहां काम करने वाले लड़कों को उठा लेती है। इल्तिजा ने परिवार से कहा कि हम यहां आपको इंसाफ दिलाने आए हैं इल्तिजा ने एक दिन पहले नजरबंद करने का आरोप लगाया था
इल्तिजा मुफ्ती ने कल दावा किया था कि उन्हें और उनकी मां को नजरबंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने उनके दरवाजों पर ताले लगा दिए हैं। इल्तिजा ने सोशल मीडिया X पर घर के बंद दरवाजों पर लगे तालों की फोटो भी शेयर की थी।
इल्तिजा ने हाउस अरेस्ट का दावा करते हुए लिखा था- चुनाव के बाद भी कश्मीर में कुछ नहीं बदला। अब पीड़ितों के परिवारों को सांत्वना देना भी अपराध माना जा रहा है। इल्तिजा ने NC सरकार से पूछा था- मुंह में दही क्यों जमा रखा है
महबूबा मुफ्ती ने एक पोस्ट में लिखा था- पेरोडी के रहने वाले 25 साल के माखन दीन को बिलावर के एसएचओ ने ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) होने के झूठे आरोप में हिरासत में लिया। उसे बुरी तरह पीटा, यातना दी। जबरन कबूलनामा करवाया, जिससे उसकी मौत हो गई। इलाका सील है। इंटरनेट बंद है। इससे लोगों में दहशत है। उन्होंने बताया- लगातार कार्रवाई हो रही है। लोग हिरासत में लिए जा रहे हैं। यह घटना बेगुनाह युवकों को झूठे आरोप में फंसाने के परेशान करने वाले पैटर्न का ही हिस्सा लग रही है। इल्तिजा ने भी एक बयान में कहा था- कुलगाम, बडगाम, गांदरबल में छोटे लड़कों को उठाया जा रहा है। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि क्या वे सभी आतंकवादी हैं। सभी को शक की नजर से क्यों देख रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि एक भी मंत्री ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया। क्या आपके मुंह में दही जमा है? 6 साल में इन 5 मौकों पर महबूबा नजरबंद हुईं

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *