कोंडेकेरा से पहाड़गांव तक सड़क पर छह माह से बोल्डर डालकर छोड़ा, ​विभाग मौन

भास्कर न्यूज|कामडारा कोंडेकेरा से पहाड़गांव तक जानेवाली लगभग साढे तीन करोड़ की लागत से बनने वाली सात किमी सड़क राशि के आभाव में छह माह से कार्य बंद पड़ा है। 6 माह पूर्व संवेदक के द्वारा सड़क पर सिर्फ बोल्डर व चिप्स बिछाकर छोड़ दिए जाने के कारण ग्रामीणों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रही है। जानकारी के मुताबिक कामडारा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत कोंडेकेरा से पहाड़गांव तक की दूरी लगभग 7 किमी है। आठ गांव के लगभग 20 हजार ग्रामीण इससे प्रभावित है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उक्त मार्ग की जर्जर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों के द्वारा लगातार मरम्मत कराने की मांग की जा रही थी। इसके बाद सड़क के निमार्ण की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं वर्ष 2025 मे उक्त मार्ग पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गई। लेकिन उस मार्ग पर लगभग छह माह पूर्व सिर्फ बोल्डर व गिट्टी बिछ़ाकर छोड़ दी गई है। जिसके कारण उस मार्ग पर साइकिल तो क्या, अब पैदल चलना भी लोगों को काफी मुश्किल हो गया है। वहीं उस मार्ग पर चलनेवाली दो पहिया व चार पहिया वाहन के चालक भी परेशान है। क्योंकि बोल्डर के कारण अक्सर वाहन के टायर कटकर पंचर हो जाता है। जिसके कारण वाहन चालक भी परेशान रहते हैं। वाहनों के परिचालन के दौरान अधूरी बनी सड़क से उड़ती धूल से राहगीर काफी परेशान रहते हैं, बताया जा रहा है उक्त सड़क का निर्माण गुमला के एक संवेदक के द्वारा कराया जा रहा है। बताया जा रहा है उक्त सड़क का निर्माण संवेदक के द्वारा लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की लागत से एक विशेष पैकेज के तहत कराई जा रही है। वहीं उक्त पथ के निर्माण कार्य से जुड़े संवेदक से इस संदर्भ में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि फंड के अभाव के कारण सड़क निर्माण का कार्य बीच में रोक दी गई है। इधर स्थानीय ग्रामीणों ने कामडारा के जिला परिषद सदस्य दीपक कंडुलना से मुलाकात कर उक्त सड़क के निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूरा कराने की मांग की है। इधर उक्त सड़क निर्माण कार्य से जुड़े जेई संजय मुंडा ने बताया कि गांव कोंडेकेरा से पहाड़गांव तक जानेवाली पथ का निर्माण गुमला के ठेकेदार के द्वारा आरयू विभाग की ओर से कराया जा रहा है। परंतु आवंटन के अभाव में पिछले छः माह से पथ का निर्माण कार्य बंद है। जिसके कारण सड़क पर सिर्फ बोल्डर व गिट्टी बिछ़ाकर छोड़ दी गई है। ग्रामीण बसंत तोपनो सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि इस पथ पर रोजाना आमटोली, पिंपी ,पकरा, पहाड़गांव सहित अन्य गांव के लगभग 20 हजार ग्रामीणों का आना जाना होता है। इसके अलावे यह पथ पकरा रेलवे स्टेशन को भी जोड़ती है। लेकिन इस अधूरा पथ निर्माण कार्य के कारण लोगों को प्रतिदिन धूल भरी गंदगी व गिट्टी, बोल्डर से जूझते हुए आना जाना करना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों मे काफी रोष व्याप्त है। सड़क का शीघ्र निर्माण होने से पकरा रेलवे स्टेशन जाने का रास्ता सुगम होता। साथ ही लोगों को इससे निजात मिलती।

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