कोतवाली पुलिस का बड़ा एक्शन:28 लाख की एमडी बरामदगी के बाद मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार; अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा

नागौर की कोतवाली पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस पूरे मामले की शुरुआत 23 जनवरी को हुई, जब पुलिस ने एक पुख्ता सूचना के आधार पर तस्कर आशीष गहलोत के आवास पर अचानक धावा बोला। चार गाड़ियों के साथ पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी के घर की घेराबंदी कर उसे मौके से ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान आशीष के पास से 142.08 ग्राम अवैध एमडी बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 28 लाख रुपये आंकी गई है।

​रिमांड में हुए खुलासे के बाद आज हुई बड़ी गिरफ्तारियां ​गिरफ्तारी के बाद प्रोबेशनर आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में आरोपी आशीष गहलोत से पुलिस रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ में आशीष ने अपने पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की विस्तृत जानकारी पुलिस को दी। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आज इस नेटवर्क के दो और महत्वपूर्ण सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जोधपुर से श्रीराम विश्नोई उर्फ सुरेंद्र और बीकानेर के रहने वाले दिनेश विश्नोई को धर दबोचा है। इन गिरफ्तारियों को पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
​बीकानेर का दिनेश विश्नोई था मुख्य कड़ी ​जांच में यह सामने आया है कि बीकानेर निवासी दिनेश विश्नोई पिछले करीब पांच महीनों से इस क्षेत्र में अवैध एमडी की सप्लाई कर रहा था। आशीष गहलोत से मिली सूचनाओं ने पुलिस को सीधे इन सप्लायर्स तक पहुँचाया, जिससे तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश हो सका। फिलहाल पुलिस की टीम पकड़े गए आरोपियों से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नशे की खरीद-फरोख्त के स्रोतों के बारे में सघन पूछताछ कर रही है। आईपीएस अदिति उपाध्याय खुद इस मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि नशे के इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।

​पांच महीने से सक्रिय था यह गिरोह ​जांच में सामने आया है कि बीकानेर निवासी दिनेश विश्नोई पिछले करीब पांच महीनों से इलाके में अवैध मादक पदार्थ एमडी की सप्लाई कर रहा था। यह गिरोह काफी समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर तस्करी के इस काले कारोबार को फैला रहा था। फिलहाल आईपीएस अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन बड़े तस्करों से जुड़े हुए हैं और यह नशीला पदार्थ कहां से लाया जा रहा था।

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