नीमच के सिटी रोड स्थित बालिका छात्रावास के पास बछड़े का शरीर बुरी तरह झुलस गया है। छात्रावास की वार्डन ज्योति यादव और स्थानीय रहवासियों ने बछड़े को गंभीर हालत में तड़पते देखा। बछड़े की चमड़ी झुलसी हुई थी और मांस कटा हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उस पर किसी ज्वलनशील रसायन से हमला किया गया है। जिससे स्थानीय लोगों और गोसेवकों में गुस्सा है। सूचना मिलने पर ‘गऊ नंदी सेवा धाम’ और ‘शिव नंदी गो रक्षा सेवा समिति’ के सदस्य मितेश अहीर और उनकी टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सा विभाग की लापरवाही प्रत्यक्षदर्शियों और दिलीप छाजेड़ जैसे लोगों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के घंटों बाद भी कोई सरकारी पशु चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा। विभाग की इस बेरुखी के कारण बछड़ा लंबे समय तक तड़पता रहा। अंततः गोसेवकों ने स्वयं के खर्च पर दवाइयों का प्रबंध किया और बछड़े का प्राथमिक इलाज कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सुरक्षा पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका गोवंश को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के लिए पहले भी संवेदनशील रहा है। रहवासियों ने दोषियों पर कार्रवाई और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।


