बैतूल के भैंसदेही क्षेत्र में एक युवक को ग्रामीणों ने 15 गांवों की बिजली बाधित करने के जुर्म में पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी सूरज नाम का युवक 11 हजार केवी की बिजली लाइन पर रस्सी का फंदा डालकर आपूर्ति बाधित करता था। सावलमेंदा बिजली वितरण केंद्र के प्रभारी की शिकायत के अनुसार, कोथल कुण्ड फीडर पर लगातार छेड़छाड़ की जा रही थी। आरोपी सूरज और उसके साथियों द्वारा ग्राम खामला में तीनों फेज को शॉर्ट सर्किट कर दिया जाता था, जो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 139 के तहत दंडनीय अपराध है। इस कारण लगभग 4000 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित होती थी। लाइनमैन विक्की राठौर ने बताया कि पिछले दो महीनों से यह समस्या जारी थी। रात करीब ढाई बजे ग्रामीणों ने फॉल्ट की जांच के दौरान आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी दी। थाना प्रभारी नीरज पाल ने बताया- पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। यह कृत्य न केवल कानूनी अपराध था बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता था। यह है फंदा डालने की वजह स्थानीय लोगों ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल के लिए सिंचाई का सीजन है। इस फीडर में किसान बांध के पानी से सिंचाई करते है। इसके निचले इलाके में नदी बहती है। फंदा डालने वाले ऊपर क्षेत्र के लोग सिंचाई न कर सके जिससे नहर का पानी नदी में बहकर आ जाए और वे उसका सिंचाई के लिए उपयोग कर ले( इस वजह से फंदा डालकर ऊपरी क्षेत्र की बिजली बंद कर देते थे। इससे 15 गांव अंधेरे में डूब जाते है। नहर का पानी बहकर नीचे आ जाता है, जिससे वे सिंचाई कर लेते है।


