अमनदीप सिंह | अमृतसर पच्छिम हलके के वार्ड 72 के अंतर्गत आने वाले ढपई इलाके में रहने वाले लोग लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान हैं। ढपई, खुररियां वाली गली, पीड़ी गली और ढपई मेन बाजार के निवासी आए दिन गंदगी, अंधेरे और टूटी सड़कों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो पार्षद की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही नगर निगम समाधान को गंभीरता से ले रहा है। ढपई की कई गलियों में सीवरेज के ढक्कन या तो टेढ़े पड़े हैं या पूरी तरह टूट चुके हैं। कई स्थानों पर सीवरेज चैंबर पूरी तरह ब्लॉक हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। खुररियां वाली गली में पिछले 10 दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पीड़ी गली में सीवरेज की हौदी काफी दूरी पर होने के कारण सीवरेज की नियमित सफाई नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप अक्सर गंदा पानी गली में जमा हो जाता है। ढपई मेन बाजार की सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और उसमें कई गड्ढे हो चुके हैं। मनजीत सिंह, निवासी पीड़ी गली ने बताया कि गली में सीवरेज की हौदी दूर होने से सफाई ठीक से नहीं होती। आए दिन गंदा पानी गली में भर जाता है। इस करके बदबू से जीना मुश्किल है। निगम को कई बार बताया, लेकिन कोई पक्का समाधान नहीं निकाला गया। वार्ड 72 के पार्षद अवतार सिंह ने कहा कि इलाके में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर कई बार निगम को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक ठीक नहीं किया गया। सीवरेज के टूटे ढक्कनों के बारे में भी ठेकेदार को कहा गया है, फिर भी बदलाव नहीं हो रहा। वह लोगों की समस्याओं के साथ खड़े हैं और पीड़ी गली की हौदी की समस्या का समाधान भी जल्द करवाया जाएगा। वहीं ढपई मेन बाजार के पन्नू चौक साइड वाटर सप्लाई की पाइप डाली जा रही है, जिसके बाद पूरी मेन सड़क का निर्माण होगा। महिंदर कौर, निवासी खुररियां वाली गली ने बताया कि गली में दस दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पार्षद और निगम दोनों की चुप्पी से लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। विक्रम कुमार, निवासी ढपई ने बताया कि गलियों में सीवरेज के ढक्कन टूटे पड़े हैं और कई चैंबर ब्लॉक हैं। गंदा पानी सड़कों पर फैलता रहता है। बिजली की तारों के जाल बिखरे हुए हैं। इससे चिंगारियां निकलती रहती हैं। वोट देकर प्रतिनिधि चुना, लेकिन समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हुआ।


