भास्कर न्यूज| टिटिलागढ़ वार्षिक परीक्षा के लिए अब महज एक महीने का समय बचा है और छात्रों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, लेकिन बेलपाड़ा गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल के छात्र मंगलवार को स्कूल गेट के सामने धरने पर बैठने को मजबूर हैं। मामला पसंदीदा शिक्षक के तबादले और स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी से जुड़ा है, जिसके विरोध में छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर चार-चार ताले जड़ दिए। सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा तक कुल 148 विद्यार्थी नामांकित हैं। स्कूल की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां 9 शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां केवल 4 शिक्षक कार्यरत थे। इनमें से भी एक सक्रिय और मिलनसार शिक्षक का तबादला शिक्षा सत्र के अंतिम समय में दूसरे स्कूल में कर दिया गया। इसी अजीब ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों का आरोप है कि जब बच्चों को रिवीजन और पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, तब विभाग शिक्षकों को यहां-वहां भेज रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने साफ कहा हमारी मांगें पूरी करो, हमें हमारे टीचर वापस दो। प्रभारी हेडमास्टर के अनुसार, दूसरे स्कूल में कमी के कारण संबंधित शिक्षक को एक महीने के लिए डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर भेजा गया है। हेडमास्टर ने स्वयं स्वीकार किया कि शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पर्याप्त स्टाफ न होने से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। स्कूलों में सिर्फ नाम का सरकारी सिस्टम रह गया स्कूल राज्य की चरमराती शिक्षा व्यवस्था का एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है। न पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है और न ही पढ़ाने वाले गुरुजी। क्या सरकार और विभाग को बच्चों के सालभर की मेहनत की कोई फिक्र नहीं है।


