बांदीकुई रेलमार्ग दोहरीकरण:पहले चरण में कबई, महरपुर, सैडोली और बरौलीरान की जमीन चिन्हित, अब तक नहीं मिला मुआवजा

आगरा–बांदीकुई रेलमार्ग पर सिंगल रेलवे लाइन के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की लेटलतीफी और यात्रियों को हो रही असुविधा से राहत दिलाने के लिए रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य शुरू किया गया है। इसके तहत नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन चिन्हित जमीन के काश्तकारों को मुआवजा राशि का अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। मुआवजा नहीं मिलने के कारण स्थानीय प्रशासन की ओर से रेलवे को जमीन सुपुर्द करने की प्रक्रिया कागजों में ही अटकी हुई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में नदबई कस्बा द्वितीय हल्का सर्किल सहित कबई, महरमपुर, सैडोली और बरौलीरान पटवार सर्किल के अंतर्गत कुल 53 खसरा नंबरों की करीब 3.71 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस भूमि के काश्तकारों को मुआवजा राशि के रूप में लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है। इसके लिए नदबई एसडीएम कार्यालय की ओर से रेलवे विभाग को बजट आवंटन का पत्र भी भेजा गया, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के चलते मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सका। इससे रेलवे को जमीन सौंपने की प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पाई है। हालांकि, दूसरे चरण में नदबई कस्बा प्रथम एवं द्वितीय हल्का सर्किल के साथ रायसीस और महरमपुर पटवार सर्किल में चिन्हित की जाने वाली जमीन की सर्वे प्रक्रिया जारी है। दिसंबर तक दोहरीकरण होने की उम्मीद विभागीय सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 987 करोड़ रुपए की लागत से आगरा–बांदीकुई के बीच लगभग 150 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया था। आगरा रेल मंडल के अधिकारी ईदगाह–अछनेरा (करीब 6 किमी) और विभाई–घोसराना (करीब 24 किमी) के बीच आगामी दो माह में दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत यह है कि दो साल बाद भी करीब 120 किलोमीटर रेलखंड में कहीं भूमि अवाप्ति नहीं हो सकी है तो कहीं केवल जमीन समतलीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे में दिसंबर तक पूरे सेक्शन में दोहरीकरण कार्य पूरा होने की उम्मीद औपचारिक ही नजर आ रही है। दोहरीकरण से यात्रियों को मिलेगी राहत गौरतलब है कि आगरा–बांदीकुई रेलखंड पर प्रतिदिन करीब दो दर्जन मालगाड़ियों के साथ एक दर्जन से अधिक पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है। सिंगल रेलवे लाइन होने के कारण क्रॉसिंग के समय ट्रेनों को अलग-अलग लूप लाइन पर रोका जाता है, जिससे यात्रियों को लेटलतीफी और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन निर्धारित समय पर संभव हो सकेगा और यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। एसडीएम ने कहा- रेलवे को पत्र भेजा है “नदबई क्षेत्र में जमीन चिन्हिृत कर अवार्ड राशि को लेकर रेलवे प्रशासन को पत्र भेज दिया। बजट उपलब्ध होने पर नियमानुसार काश्तकारों को अवार्ड राशि का भुगतान किया जाएगा। बजट मिलने के बाद चिन्हिृत जमीन को रेलवे विभाग को हैंड ओवर करने की प्रक्रिया होगी।” -सचिन यादव, एसडीएम नदबई। बजट की डिमांड नहीं मिल है “दौसा व अलवर जिले में शामिल क्षेत्र की भूमि अवाप्ति को लेकर रेलवे की ओर से प्रदेश सरकार को बजट भेज दिया गया। भरतपुर जिले से भूमि अवाप्ति बजट की अभी डिमांड नही मिली। डिमांड मिलने पर रेलवे की ओर से बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया होगी।” -प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी आगरा रेल मंडल।

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