सरदार सरोवर बांध के कारण निमाड़ के चार जिलों में विस्थापित हुए 25,602 परिवार अब पट्टे पर मिले आवासीय भूखंडों के एक दशक बाद स्थाई मालिक बनेंगे। राज्य सरकार इन पट्टों पर मिले भूखंडों की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराएगी। इसके बाद बड़वानी, अलीराजपुर, धार व खरगोन जिले के यह परिवार आवासीय भूखंड को न केवल खरीद-बिक्री कर सकेंगे, बल्कि उसे मॉर्टगेज कर बैंक लोन भी ले सकेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस फैसले से राज्य सरकार को 600 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। कैबिनेट ने व्यवस्था दी है कि पूर्व से तय एसओपी के हिसाब से रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी के 600 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति का वहन नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण करेगा। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार के इस फैसले से 8 विधानसभा क्षेत्रों के आदिवासी परिवारों को लाभ होगा। इसमें 4 विस सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं, एक में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी हैं। काश्यप ने दावा किया कि मोहन यादव सरकार ने बिना भेदभाव के यह फैसला लिया है। बाणसागर डैम से मैहर और कटनी के लिए दो सिंचाई प्रोजेक्ट मंजूर
कैबिनेट ने सोन नदी पर बने बाणसागर बांध से मैहर और कटनी जिलों के लिए 2 नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। 620.65 करोड़ लागत की इन सिंचाई परियोजनाओं से 14 हजार 300 से अधिक किसानों की 23500 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 53.73 करोड़ लागत की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना से मैहर और कटनी जिले के 9 गांव की 3500 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। 2810 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। 566.92 करोड लागत की बरही बरही सूक्ष्म लिफ्ट सिंचाई परियोजना से कटनी जिले की बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 गांव की 20 हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 11,500 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। महिला बाल विकास विभाग में होगा समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन: राज्य सरकार द्वारा भंग किए गए राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का संविलियन महिला बाल विकास विभाग में किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि समाज कल्याण बोर्ड के भंग होने के बाद इनसे जुड़े 7 कर्मचारियों की नौकरी पर ही संकट खड़ा हो गया था। जनहित से जुड़ी 410 योजनाओं की अवधि 5 साल के लिए आगे बढ़ाई कैबिनेट ने 6 अलग-अलग विभागों की जनहित से जुड़ी 10 योजनाओं की अवधि को पांच साल आगे बढ़ा दिया है। इन योजनाओं की अवधि वर्ष मार्च 2026 में खत्म हो रही थी, अब यह योजनाएं मार्च 2030 तक यथावत जारी रहेगी। इन योजनाओं के लिए केबिनेट ने 15 हजार 9 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। इनमें वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115.06 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। जिन योजनाओं को मंजूर दी गई है, उनमें मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0), विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, ब्लॉक ग्रांट योजना, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना, किशोर कल्याण निधि योजना, घरेलू हिंसा पीडि़ता के लिए सहायता योजना, अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना शामिल हैं।


