भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के प्रधान विशेष सत्र न्यायाधीश एसएल नवरत्न ने अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरण में मानसिक बीमारी से जूझ रही युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी डामन यादव (47) को धारा 3(2)(वी) एट्रोसिटी एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास व 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(झ) के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 64 (2)(ट) के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 200-200 रुपए अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय लिया। प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) पुष्पदेव साहू ने किया। जिसके अनुसार प्रार्थिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दीदी 18-20 साल से मानसिक रुप से ग्रसित है। जो बिना बताए घुमती रहती है। कोई भी खाना देते है तो खा लेती और और रात में चौक चौराहे पर सो जाती है। 4 अगस्त 2024 को गांव के लोगों से जानकारी मिली कि मानसिक रोगी दीदी के साथ डामन यादव ने खेत के पास नाली पार में अनैतिक काम किया है। घर में दीदी को लाए तब कपडे़ एवं शरीर में कीचड़ लगा हुआ था। इस वजह से नहला दी। दीदी बोल नहीं सकती इसलिए इशारा में आपबीती बताई। गांव के दो लोगों ने पुष्टि किया कि आरोपी ने मानसिक रोगी के साथ अनैतिक किया है।


