भास्कर न्यूज | जशपुरनगर चौकी कोतबा क्षेत्र के ग्राम खजरीढाप में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मामले में विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण न्यायालय जशपुर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त खीरसागर यादव को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दो बार दोषी पाते हुए प्रत्येक आरोप में 500-500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। प्रकरण के अनुसार ग्राम खजरीढाप निवासी प्रार्थी चक्रधर यादव ने 18 नवंबर 2024 को चौकी कोतबा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसका पुत्र खीरसागर यादव करीब छह वर्ष पूर्व रोजी-रोटी के लिए केरल गया था। लगभग एक वर्ष पहले वह घर लौटा और अपने साथ एक महिला रोशनी बाई तथा दो बच्चों को लेकर आया, जिन्हें उसने अपनी पत्नी और संतान बताया। महिला के अलग जाति की होने के कारण परिजनों ने उसे घर और जमीन का हिस्सा देकर अलग कर दिया था। बताया गया कि खीरसागर यादव और उसकी पत्नी के बीच शराब के नशे में आए दिन विवाद होता था। 18 नवंबर 2024 की शाम करीब छह बजे विवाद इतना बढ़ गया कि खीरसागर यादव ने लकड़ी के डंडे से अपनी पत्नी रोशनी बाई पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई उसकी मां जगरमनी बाई पर भी आरोपी ने बेरहमी से वार किए। मारपीट के चलते दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 19 नवंबर 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।


