मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में स्कूलों की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए मिली राशि में गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर तीन प्रभारी प्राचार्य और एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। कुल गबन की राशि करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपये बताई गई है। तीन प्रभारी प्राचार्य तत्काल प्रभाव से निलंबित संयुक्त संचालक, रीवा ने शासकीय हाईस्कूल मनकहरी के प्रभारी प्राचार्य राजेश कुमार साकेत, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिरहाई के प्रभारी प्राचार्य रामाधार वर्मा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझटोलवा के प्रभारी प्राचार्य कामता प्रसाद तिवारी को निलंबित किया है। तीनों का मूल पद माध्यमिक शिक्षक है और उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय अमरपाटन तय किया गया है। कर्मचारी भी पर लापरवाही का आरोप इसी मामले में संदीपनी स्कूल रामनगर में पदस्थ कर्मचारी विनोद कुमार पटेल को भी निलंबित किया गया है। उन पर देयक तैयार कर कोषालय में लगाने में लापरवाही बरतने का आरोप है। डीईओ ने उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय मैहर निर्धारित किया है। यह पूरा मामला मैहर कलेक्टर रानी बाटड के संज्ञान में आया था। जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा और संयुक्त संचालक रीवा को भेजा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। 18 स्कूलों में हुआ 4.20 करोड़ का गबन जांच में सामने आया कि रामनगर विकासखंड के 18 स्कूलों में कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग किया गया है। कई जगह बिना कोई काम कराए ही ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया। बिना काम कराए ठेकेदारों को किया भुगतान जांच में पाया गया कि शासकीय हाईस्कूल मनकहरी के प्रभारी प्राचार्य ने बिना काम कराए 24 लाख 79 हजार 383 रुपये का भुगतान वाणी इन्फ्रॉस्ट्रक्चर एवं मटेरियल सप्लायर को किया।
वहीं, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिरहाई और मझटोलवा के प्रभारी प्राचार्यों ने महाकाल ट्रेडर्स को करीब 48 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया। इस घोटाले में इससे पहले रामनगर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी और शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सुलखमा के प्राचार्य को भी निलंबित किया जा चुका है। जांच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


