छिंदवाड़ा जिले में परिवहन विभाग के सचिव एवं प्रबंध निदेशक मनीष सिंह ने बस ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द शुरू करने पर चर्चा हुई, वहीं ऑपरेटर्स ने महादेव मेले के दौरान स्लीपर कोच बसों पर रोक और बिना परमिट चल रही बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। महादेव मेले में स्लीपर बसों पर रोक की मांग बस ऑपरेटर्स ने महादेव मेले के दौरान स्लीपर कोच बसों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय जरूरी है। बैठक में नागपुर मार्ग पर बिना वैध परमिट बसें चलने की शिकायत भी प्रमुखता से उठाई गई। ऑपरेटर्स ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। आरटीओ की लापरवाही का लगाया आरोप ऑपरेटर्स का कहना था कि छिंदवाड़ा आरटीओ कार्यालय की लापरवाही और नियमित जांच न होने के कारण अवैध रूप से बसों का संचालन जारी है। ऑपरेटर्स ने बताया कि इस मामले को लेकर हाल ही में ग्वालियर में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऑल इंडिया परमिट के नाम पर बसें शिकायत के अनुसार, प्रयाग ट्रेवल्स, इमरान ट्रेवल्स और अमीना ट्रैवल्स द्वारा ऑल इंडिया परमिट के नाम पर नागपुर मार्ग पर बसें चलाई जा रही हैं, जो नियमों के अनुरूप नहीं हैं। ऑपरेटर्स ने आरोप लगाया कि कम से कम सात बसें बिना वैध परमिट के नागपुर मार्ग पर दौड़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी। उड़न दस्ते की जांच पर भी सवाल ऑपरेटर्स ने यह भी कहा कि आरटीओ का उड़न दस्ता रोजाना जांच के लिए निकलता है, इसके बावजूद अवैध बसों का संचालन जारी रहना संदेह पैदा करता है। बैठक में छिंदवाड़ा आरटीओ कार्यालय में निजी कर्मचारियों के काम संभालने का मुद्दा भी उठा। इस संबंध में पहले भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। अनियमितता और रिश्वत के आरोप ऑपरेटर्स का आरोप है कि निजी कर्मचारियों की मौजूदगी के कारण अनियमितता बढ़ी है और कई मामलों में रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। बैठक के अंत में बस ऑपरेटर्स ने मांग की कि परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।


