महात्मा गांधी अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय परिसर के पालनागृह में एक दिन का नवजात लावारिस अवस्था में मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा छोड़े गए इस मासूम को समय रहते अस्पताल स्टाफ ने सुरक्षित बचा लिया। जैसे ही पालनागृह में बच्चे को रखा गया, वहां लगे सेंसर आधारित अलार्म ने संकेत दे दिया। अलार्म की आवाज सुनकर स्टाफ ने संभाला अलार्म की आवाज सुनते ही एनआईसीयू वार्ड का नर्सिंग स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और नवजात को अपने संरक्षण में लिया। उस समय बच्चा बेहद कमजोर था, लेकिन तत्परता से उसे तुरंत उपचार दिया गया। बताया गया कि नवजात की उम्र करीब एक दिन है और वजन लगभग 2 किलो 100 ग्राम है। फिलहाल उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। नवजात को नाम मिला मन डॉक्टर के अनुसार बच्चे की हालत अब स्थिर है और उसे आवश्यक पोषण व देखभाल दी जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं को सूचित किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा और सदस्य विनोद राव अस्पताल पहुंचे तथा बच्चे की स्थिति देखी। उन्होंने नवजात को ‘मन’ नाम दिया।


