बिचौलियों पर सख्ती: किसान बढ़े पर बीते साल से 60331.76 ​मीट्रिक टन कम खरीदी

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का समापन 31 जनवरी को हुआ। इस साल बीते साल की तुलना में 60331.76 मीट्रिक टन कम धान खरीदी हुई है। इस साल 313605.4 मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। जबकि पिछले साल जिले में 373937.16 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इस साल करीब 16 फीसदी कम खरीदी के पीछे प्रशासन की सख्ती को मुख्य वजह बताया जा रहा है। राज्य शासन के आदेश के बाद जिले में इस साल दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने सभी सीमावर्ती रास्तों पर 21 बैरियर लगाए गए थे। इस साल प्रशासनिक अधिकारी खुद नाका व बैरियर पहुंचकर जांच कर रहे थे। टोकन कटने से पहले किसानों के धान का भौतिक सत्यापन किया गया। वे किसान जिन्होंने अधिक मात्रा में धान बेचने टोकन कटाया था, उनके घर पर पहुंचकर प्रशासनिक टीम ने भौतिक सत्यापन किया। इस साल प्रशासनिक टीम ने राइस मिलर्स पर भी पैनी निगाह बनाकर रखी थी। आम तौर पर राइस मिलर्स मंडी से धान उठाने बिचौलियों से सांठ-गांठ कर वापस मंडी भेज देते थे। ऐसी बोगस खरीदी ना हो, इसका भी ध्यान रखा गया। इस साल मिलर्स का भी फिजिकल वैरि​िफकेशन समय-समय पर किया गया। बगीचा के वेदांश राइस मिल में फिजिकल वैरि​िफकेशन के दौरान 9700 मीट्रिक टन धान कम पाया गया। प्रशासन ने इस राइस मिल को सील कर दिया था। इस वर्ष 5467 किसान बढ़े इस साल धान बेचने वाले किसानों की संख्या बढ़ी है। इस साल 39187 किसानों ने अपना धान मंडी में बेचा है। पिछले साल 33720 किसानों ने धान बेचा था। हालांकि जितने किसानों ने धान बेचने पंजीयन कराया था, उससे करीब 10 हजार कम किसानों ने धान बेचा है। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 50904 है। धान खरीदी के दौरान एक-दो केन्द्रों में किसानों ने टोकन को लेकर हंगामा किया था। दूसरे राज्यों से आवक घटी ^इस साल दूसरे राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने बैरियर पर सख्ती से जांच की गई। समय-समय पर भौतिक सत्यापन किया गया। बिचौलियों का खेल नहीं चला। शंभु कुमार गुप्ता, जिला विपणन अधिकारी, जशपुर पुलिस ने भी खूब पकड़ा धान, 2700 क्विंटल जब्त इस साल धान पकड़ने में पुलिस भी खासी सक्रिय रही। ओडिशा और झारखंड बार्डर पर पुलिस ने लगातार धान लोड वाहनों की चेकिंग कर अवैध धान जब्त किया। पुलिस ने अवैध धान परिवहन के 46 प्रकरण में 2700 क्विंटल धान जब्त किया। इस दौरान ट्रक, पिकअप और ट्रैक्टर जैसे वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस की सक्रियता से मुख्य सड़कों के अलावा गांव के रास्तों से भी धान की अवैध आवक करना मुश्किल रहा। धान का उठाव भी जारी धान खरीदी खत्म होने के बाद अब उठाव की कार्रवाई जारी है। अभी भी करीब आधा धान खरीदी केन्द्रों में ही पड़ा है। अधिकांश खरीदी केन्द्रों में धान की बोरियां खुले आसमान के नीचे है। इधर आसमान में बादल मंडरा रहे हैं और मौसम विभाग ने बारिश की आशंका जताई है। इसे लेकर मंडी प्रबंधकों में चिंता है।

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