प्रिंसिपल को चैम्बर में बंद किया, विरोध पर उतरी छात्राएं:रिजल्ट में अनियमितता सहित कई मांगों पर आक्रोश, संभाग के सबसे बड़े सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज का मामला

संभाग के सबसे बड़े सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज में परीक्षा परिणाम में अनियमितता और स्कूटी वितरण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए छात्राएं बुधवार को विरोध पर उतर आईं। गुस्साईं छात्राओं ने प्रिंसिपल डॉ दीपक माहेश्वरी को उनके चैम्बर में बंद कर दिया। छात्राएं चैम्बर के बाहर ही धरने पर बैठ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल गर्माता देख हाथीपोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्राओं से समझाइश कर प्रिंसिपल चैम्बर का गेट खुलवाया। इस दौरान प्रिंसिपल और छात्राओं के बीच आमने-सामने बहस हुई। छात्राओं का आरोप था कि बीए फर्स्ट, बीए फोर्थ और बीएससी सेकंड सेमेस्टर में धांधली की गई है। दूसरा आरोप लगाया कि प्रिंसिपल का छात्रों के प्रति बात करने का तरीका बेहद खराब है। तीसरा आरोप है कि मेधावी छात्राओं के लिए आईं नई स्कूटियां 3 साल बाद भी क्यों नहीं दी गईं। छात्राएं बोलीं-प्रिंसिपल सर हमें बोलते हैं-तुम कटपुतली हो, बीमारी हो
एबीवीपी की सुमन कुंवर ने बताया कि सर से जब हम अपनी मांगों पर शांतिपूर्वक बात करने गए थे, तब सर हम बोलते हैं कि ‘चलो बीमारी हटो। तुम तो सब कटपुतली हो’। सर ऐसी खराब भाषा बोलते हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष किरण वैष्णव ने बताया कि कुछ ​दिन पहले बीए और बीएससी सेकंड और फोर्थ सेमेस्टर के रिजल्ट आए थे। बीएससी में जियोलॉजी, वॉटिनी और केमेस्ट्री में ज्यादातर छात्राओं को फेल कर दिया। फिर रिविल के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। इसके अलावा हर साल फीस बढ़ाई जा रही है, जबकि यहां गरीब आदिवासी छात्राएं पढ़ती हैं।

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