डिंडोरी जिले की धनुआ सागर ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग ने दस साल पहले एक पानी की टंकी का निर्माण कर पंचायत को सौंप दिया था। हालांकि, पंचायत की कथित लापरवाही के कारण आज तक इस टंकी से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। ग्रामीण अभी भी बोरवेल के पानी पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी में पानी भरा होने के बावजूद उन्हें बोरवेल के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीण रामराज ने बताया कि गांव की लगभग 2 हजार की आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक साल पहले ग्राम पंचायत ने लगभग 100 मीटर पाइपलाइन बिछाने के नाम पर 3 लाख रुपये निकाले थे, लेकिन टंकी से पानी की आपूर्ति अभी भी ठप है। बोरवेल की मोटर आए दिन खराब होती रहती है, और हैंडपंप ही उनका एकमात्र सहारा है। इस मामले पर प्रभारी सचिव राकेश परस्ते ने बताया कि टंकी निर्माण के बाद पीएचई विभाग के ठेकेदार ने टंकी से वितरण पाइपलाइन तक कनेक्शन ही नहीं किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ जगहों पर पाइपलाइन टूटी-फूटी है। परस्ते के अनुसार, इस संबंध में एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है और जल्द ही पाइपलाइन से कनेक्शन होने के बाद पानी की आपूर्ति शुरू हो सकेगी। वहीं, पीएचई विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर अमानुल्ला खान ने बताया कि विभाग ने दस साल पहले टंकी का निर्माण पूरा कर दिया था। मढ़िया रास वाटर फिल्टर प्लांट से टंकी में पानी भरा जाता है, लेकिन ग्राम पंचायत इसका उपयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कुछ पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हैं, तो पंचायत को इसके लिए प्रस्ताव बनाकर देना चाहिए। पीएचई अधिकारी का कहना है कि पानी की टंकी का संचालन ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है।


