भास्कर न्यूज | जशपुरनगर भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के जनपद पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का पांच दिवसीय विशेष अध्ययन भ्रमण 29 जनवरी से 3 फरवरी तक गुजरात में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण में जशपुर जिले के सभी आठ जनपद पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष शामिल हुए। भ्रमण का उद्देश्य गुजरात की त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था, नवाचारों तथा आत्मनिर्भर पंचायतों के सफल मॉडलों का प्रत्यक्ष अध्ययन करना रहा। अध्ययन भ्रमण की शुरुआत गुजरात के आणंद जिले से हुई, जहां छत्तीसगढ़ की टीम ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और विश्व प्रसिद्ध अमूल डेयरी का भ्रमण किया। यहां प्रतिनिधियों को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार संगठित दुग्ध संकलन प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। अमूल मॉडल ने यह स्पष्ट किया कि सहकारिता और पारदर्शी प्रबंधन से ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा सकती है। इसके बाद टीम ने वडोदरा जिले की दुमाड़ ग्राम पंचायत का दौरा किया। यहां पंचायत द्वारा संपत्ति कर, प्रकाश कर और जल कर जैसे स्वयं के राजस्व स्रोतों की प्रभावी वसूली से किए गए विकास कार्यों ने सभी को प्रभावित किया। पंचायत परिसर में संचालित मॉडल आंगनबाड़ी, सीएसआर फंड के माध्यम से स्कूलों के आधुनिकीकरण ने यह संदेश दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर योजना से गांव का कायाकल्प संभव है। इस पूरे अध्ययन भ्रमण का नेतृत्व पंचायत संचालनालय एवं ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत संस्थान, निमोरा के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक जयसवाल ने किया। गुजरात में आयोजन का समन्वय अहमदाबाद संस्थान के विशेष नियामक के मार्गदर्शन तथा स्टेट नोडल अधिकारी नीला पटेल के नेतृत्व में हुआ। स्टेट कंसल्टेंट हरेशकुमार खडोदरा ने पूरी टीम को तकनीकी रूप से सहयोग प्रदान किया। भ्रमण के समापन अवसर पर गुजरात सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


