शहर के पं. गोविंद वल्लभ पंत शासकीय जिला अस्पताल (एमओजी लाइन) के नए भवन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि आगामी मार्च माह से अस्पताल पूरी तरह से नए हाईटेक भवन में संचालित होने लगेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा जब अस्पताल की बिल्डिंग का मुआयना कर रहे थे, तो उनकी नजर वहां काम कर रहे निर्माण श्रमिकों के बच्चों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने और उनके पूर्ण टीकाकरण की जानकारी लेने के निर्देश दिए। सिटी स्कैन और MRI सेंटर शुरू, मरीजों से पूछा- ‘कितने पैसे लिए?’ 300 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत सिटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा शुरू हो चुकी है। कलेक्टर ने खुद मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा की। उन्होंने मरीजों से फीडबैक लिया और पूछा कि जांच के लिए उनसे कितनी राशि ली जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आम जनता को किफायती दरों पर सुविधा मिल रही है। अब तक 3 कलेक्टर बदले, 8 साल से चल रहा काम जिला अस्पताल का यह प्रोजेक्ट अपनी कछुआ चाल के लिए चर्चा में रहा है। जुर्माने की कार्रवाई: पूर्व कलेक्टर टी. इलैयाराजा ने सुस्ती पर निर्माण एजेंसी पर 50 लाख की पेनल्टी लगाई थी और ठेका निरस्त कर दिया था। तारीख पे तारीख: नए ठेकेदार ने पहले दिसंबर 2024 और फिर पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह के कार्यकाल में दिसंबर 2025 तक काम पूरा करने का वादा किया था। वर्तमान स्थिति: अब कलेक्टर शिवम वर्मा ने मोर्चा संभाला है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण (Finishing stage) में है। निरीक्षण की बड़ी बातें: सुधार के निर्देश: कलेक्टर ने तल मंजिल और प्रथम मंजिल की व्यवस्था देख कुछ तकनीकी सुधारों के निर्देश दिए। आवासीय क्वार्टर का दौरा: वर्तमान में अस्पताल के डॉक्टर्स क्वार्टर में ओपीडी चल रही है। कलेक्टर ने वहां जाकर डॉक्टरों से सुविधाओं और परेशानियों पर बात की। डीआईसी बिल्डिंग: यहां चल रहे सोनोग्राफी और नवजात शिशु वार्ड की व्यवस्थाओं को भी परखा गया। टीम के साथ रहे मौजूद: निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी, सिविल सर्जन डॉ. जीएस सोढ़ी, आरएमओ डॉ. सतीश नीमा और हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर साथ रहे।


